संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
भाकपा-माले के राष्ट्रीय महाधिवेशन 15 से 20 फरवरी 2023 को पटना के कृष्णा मेमोरियल हॉल में होगा, महाधिवेशन में प्रतिनिधि हेतु सुनील कुमार राव, सुरेन्द्र चौधरी, रविन्द्र कुमार रवि, जवाहर प्रसाद, सुबास चन्द्र कुशवाहा, योगेन्द्र यादव,फरहान राजा, अच्छे लाल राम, सीताराम राम, इन्द्र देव कुशवाहा, लक्षण राम, नन्दकिशोर महतों, लालजी यादव, प्रशुराम यादव, भीखारी प्रसाद, कांति देवी, सुनील यादव, अरूण, संजय राम, संजय मुखिया, इसलाम अंसारी, गनेश महतों, रीखी साह, अफाक अहमद, डाक्टर मोजीबुर्रहमान खां, राजेन्द्र प्रसाद सहित।

45 नेताओं ने नामांकन दाखिल किया, 23 दिसम्बर को नामांकन कि जांच होगी और राज्य कमिटी के प्रेक्षक प्रभु नाथ यादव के देखरेख में 24 दिसम्बर को नरकटियागंज पार्टी कार्यालय में मतदान होगी, उसी दिन 5 बजे तक रिजल्ट भी जारी होगा, महाधिवेशन में जिले से 16 प्रतिनिधि को चुन कर जाना है, नामांकन के अवसर पर माले नेता सुनील राव ने कहा कि मोदी के फासीवादी हमला बढ़ गया है, हमारा लोकतंत्र और संविधान अंतिम सांस ले रहा है, संवैधानिक संस्थाओं को खत्म किया जा रहा है, बोलने की आज़ादी पर अघोषित रूप से पाबंदी लगा दिया गया है, सरकार के गरीब विरोधी नीतियों का विरोध करने पर देशद्रोही कहकर जेल में बंद किया जा रहा है, आगे कहा कि भारत में फासीवाद के खिलाफ लड़नेवाली ताकतें मौजूद हैं। उन तमाम ताकतों को एकजुट करके ही लोकतंत्र और संविधान को बचाया जा सकता है, भाकपा-माले इस परिस्थिति को देखते हुए महाधिवेशन के अवसर पर 15 फरवरी को गांधी मैदान पटना में एतिहासिक रैली करेगी, इस रैली से पूरे देश में यह संदेश देना है कि हम इस महाधिवेश को जनान्दोलनों के उत्सव में बदल देने के कामों में लगे हैं।
इनौस जिला अध्यक्ष फरहान राजा ने कहा कि उत्साह के बिना उत्सव पूरा नहीं हो सकता इसलिए हमारी पार्टी कतारों में उत्साह का संचार करने के लिए कार्यकर्ताओं को गोलबंदी से लेकर गाँव गाँव में गाँव सभा, पदयात्रा, नुकड़ सभा कर भाजपा द्वारा गरीबों पर किया जा रहे हमले से अवगत करायेगी, और इसके खिलाफ संघर्ष करने के लिए गोलबंद करेगी।
माले नेता संजय राम ने कहा कि इस बार रैली और महाधिवेशन को हम लोग नया रिकॉर्ड बनायेंगे, इसके लिए जनता के ज्वलन्त सवालों महंगाई, बेरोजगारी, सम्मानजनक रोजगार, एमएसपी की मांग, बटाईदारी के सवाल को लेकर आंदोलन तेज़ होगा तब जाकर बिहार में महागठबन्धन की नीतीश सरकार भी भाजपाई तर्ज पर चलना बन्द करेगी।