संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
शिकारपुर थाना क्षेत्र के एक महिला द्वारा आवेदन देकर अपने बच्चों का नामांकन पुनः कराने का अनुरोध बाल कल्याण समिति से की गई थी ।समिति ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित बच्चों का परामर्शन कराने का आदेश दिया । परामर्श प्रतिवेदन से कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए ।
बच्चों के माता का कहना था कि शिक्षक का मेरे पति से विवाद हुआ था जिसके कारण मेरे दोनों पुत्रों का नाम विद्यालय द्वारा काट दिया गया है तथा उनके स्थानांतरण प्रमाणपत्र में असंतोषजनक आचरण की टिप्पणी की गई है । स्कूल के इस कृत्य से हमारे बच्चों का जीवन अंधकारमय हो जाएगा ।आखिर हमारे बच्चों का क्या खसुर है । उन्होंने समिति से अनुरोध किया कि हमारे दोनों बच्चों का नामांकन उसी स्कूल में कराया जाय ।
इस पूरे प्रकरण में बच्चों के अनिवार्य और निःशुल्क शिक्षा के अधिकार का हनन हो रहा था तथा उनके भविष्य पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा था । इसके गंभीरता को देखते हुए बाल कल्याण समिति के पीठ ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को बच्चों का नामांकन पुनः कराते हुए सूचित करने का आदेश पारित किया था । परंतु विद्यालय के द्वारा लगातार अनदेखी करने पर समिति के द्वारा पुनः निदेश जारी करना पड़ा । जिसके आलोक में बच्चों का नामांकन होने की पुष्टि जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा पत्र के माध्यम से किया गया है । बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष आदित्य कुमार सदस्य अजय कुमार और चंदना लकड़ा ने बताया कि किसी भी कीमत में बच्चों को उनके अधिकार से कोई भी बंचित नहीं कर सकता है । ऐसी कोई परिस्थिति आती है तो तुरंत समिति को अवगत कराएं ताकि बालहित में आदेश पारित किया जा सके ।