Bihar news पोषण पुनर्वास केन्द्र में कुपोषित बच्चों के उपचार एवं पोषण की सभी व्यवस्थाएं रखें अपडेट : जिलाधिकारी

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संवाददाता मोहन सिंह बेतिया

 

जिलाधिकारी, कुंदन कुमार ने कहा कि कुपोषित बच्चों के ईलाज के लिए सरकार एवं जिला प्रशासन हर प्रयास कर रही है ताकि उनको समुचित उपचार एवं पोषण देकर स्वस्थ किया जा सके। नरकटियागंज अनुमंडलीय अस्पताल में 20 बेड वाला पोषण पुनर्वास केन्द्र में कुपोषित बच्चों के समुचित उपचार एवं उनके पोषण के लिए सभी व्यवस्थाएं अपडेट रखी जाय। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही एवं कोताही कतई बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

 

 

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उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन करते हुए अच्छे तरीके से पोषण पुनर्वास केन्द्र का संचालन कराना सुनिश्चित किया जाय। साथ ही सरकार की ओर से कुपोषित बच्चों एवं उनके माता-पिता को दी जाने वाली आर्थिक सहायता वितरण में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। लाभुकों को हर हाल में नियत सहायता राशि अवश्य मिलनी चाहिए। जिलाधिकारी कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित समीक्षात्मक बैठक में अधिकारियों को निदेशित कर रहे थे।

 

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सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देश के अनुरूप नरकटियागंज अनुमंडलीय अस्पताल में कुपोषित बच्चों के बेहतर ईलाज एवं पोषण का ख्याल रखने के लिए 20 बेड का पोषण पुनर्वास केन्द्र का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हाइपोथर्मिया (कांख का तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से कम), इंडमा (दोनों पैरों में गड्ढ़े पड़ने वाली सूजन), लगातार उल्टी होना, दस्त के साथ डिहाईड्रेशन, बुखार बार-बार होना, सांस तेज चलना, बहुत कमजोरी का होना, पसली का धंसना, उदासीन, देर से बात समझना, त्वचा में विकार, परप्यूरा, आंखों की समस्या, सायनोसिस (जीभ/चमड़े का नीला होना) गंभीर एनीमिया, खून के रिसाव की प्रवृति वाले कुपोषित बच्चों का उपचार एवं पोषण प्रबंधन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाता है।

उन्होंने बताया कि कुपोषित बच्चों एवं उनके माता-पिता को सरकार द्वारा आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करायी जाती है। बच्चों को खाना के लिए 70 रूपया प्रति बच्चा प्रतिदिन, माता के खाना के लिए 125 रूपया प्रति माता प्रतिदिन, माता को उसकी मजदूरी की हानि के बदले 257 रूपये प्रतिदिन, माता को दुबारा आने के लिए परिवहन एवं खाने का खर्च 60 रूपया प्रत्येक बार आने के लिए आर्थिक दिये जाने का प्रावधान है।

 

 

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इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, अनिल कुमार सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थ्ति रहे।

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