Etawah News: संटू गुप्ता के जनसम्पर्क से सदर चुनाव बना त्रिकोणीय, जातीय गणित उलझा

Etawah News: Santu Gupta's public relations made Sadar election triangular, caste math complicated

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ब्यूरो संवाददाता

इटावा: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव यादव के गृह जनपद में उनके ही पार्टी के बागी नेता ने सदर विधानसभा सीट के चुनावी समीकरण बदल दिए हैं। सपा से बागी कुलदीप गुप्ता ने इस सीट पर बसपा से टिकट लेकर सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला पैदा कर दिया है।

त्रिकोणीय लड़ाई में किसके सिर होगा जीत का सेहरा?

बसपा प्रत्याशी कुलदीप गुप्ता ने समाजवादी पार्टी व भारतीय जनता पार्टी के प्रत्यशियों का जीत का समीकरण बिगाड़ दिया। भाजपा से मौजूदा विधायक सरिता भदौरिया को भाजपा ने अपना प्रत्याशी फिर से बना दांव खेला हे, तो वहीं सर्वेश शाक्य को सपा ने अपना प्रत्याशी घोषित कर अपने गढ़ पर कब्ज़ा बनाना चाहा हे, जिसके बाद यह मुकाबला दोनों प्रत्याशियों के बीच देखने को मिल रहा था, लेकिन कुलदीप गुप्ता के सपा से बागी होने के बाद बसपा से टिकट मिलने व उनके जनसंपर्क से अब इस सीट के समीकरण बदल गए हैं। जिससे यह मुकाबला त्रिकोणीय हो चुका है।

तीनो प्रत्याशियों में कांटे की टक्कर

राजनीति के जानकारों की मानें तो अब सीट पर तीनों प्रत्याशी बराबरी की टक्कर पर खड़े हैं। मुकाबला तीनों के बीच देखने को मिल रहा है। जनपद में 10 दिन बाद मतदान होना है। इस बार का चुनावी दंगल रोचक हो चला है। पहले सपा भाजपा में कड़ी टक्कर दिखाई दे रही थी लेकिन फिलहाल अब इस सीट पर यह कहना मुश्किल है कि आखिर कौन इस सदर सीट पर अपना परचम लहराएगा।

उलझे जातीय गणित, सपा बसपा की नई रणनीति पर नजर
इटावा जिले में भारतीय जनता पार्टी ने जिस तरह से सपा के कई दिग्गजों को शामिल किया है, उससे जातीय गणित काफी उलझ गया है। यदि ये जातीय नेता अपनी जाति का वोट ट्रांसफर कराने में सफल हुए तो सपा अपने ही गढ़ में घिरती नजर आएगी। जिले में लोधी और शाक्य वोट काफी निर्णायक स्थिति में माना जाता है।
इसमें रघुराज शाक्य और शिवप्रताप राजपूत की ठीक-ठाक पैठ मानी जाती है। भाजपा ने इन नेताओं को अपने खेमे में करके एक मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल करने का संदेश तो दिया है, हालांकि अभी मतदान में लगभग 10 दिन का समय है, ऐसी स्थिति में अभी सपा – बसपा की रणनीति पर लोगों की नजरें लगीं हुई हैं।

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