संवाद जनवाद टाइम्स न्यूज
बाह: पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी जी के छियानवें जन्मदिवस पर उनके पैतृक गांव बटेश्वर में सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ जी ने करोड़ों रुपए की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।आपको बता दें कि उत्तर भारत की काशी कहे जाने वाला प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बटेश्वर पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी जी की जन्मस्थली है।अटल जी की जयंती पर बटेश्वर में भारतीय जनता पार्टी के द्वारा स्मृति दिवस मनाया गया जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने शिरकत करते हुए दो सौ तीस करोड़ की ग्यारह परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया।शिलान्यास के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने समाजवादी पार्टी पर जमकर प्रहार करते हुए कहा कि पूर्व की सरकारों ने गरीबों के हक का अनाज और योजनाओं का पैसा अपने विकास में लगाया वही वर्तमान सरकार गरीबों के हित में कार्य कर रही है। आज हर पात्र व्यक्ति को निशुल्क अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है साथ ही पात्र लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत एक करोड़ छात्र छात्राओं को निःशुल्क लेपटॉप व स्मार्टफोन देने का वायदा किया था जिसे आज सूबे के मुखिया ने साठ हजार छात्र व छात्राओं को निःशुल्क वितरण कर शुभारंभ कर दिया।कार्यक्रम में मंच पर मंत्री महेंद्र सिंह,चौधरी उदयभान सिंह,रामसकल गुर्जर, जी एस धर्मेश,सांसद राजकुमार चाहर, विधायक योगेंद्र उपाध्याय, हेमलता दिवाकर, पक्षालिका सिंह, पूर्व विधायक भगवान सिंह कुशवाह, पूर्व मंत्री व विधायक राजा अरिदमन सिंह, छोटे लाल वर्मा, राजेंद्र सिंह जिला अध्यक्ष गिर्राज कुशवाह जिला अध्यक्ष मंजू भदोरिया आदि मौजूद रहे।

खेतों में पैसा उगता तो चाहर होते सबसे अधिक पैसे वाले
कानपुर में आयकर विभाग द्वारा छापेमारी में पकड़े गए दो सौ करोड रुपए के अघोषित धन पर चुटकी लेते हुए कहा कि खेतों में पैसा उगता तो किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर पर सबसे अधिक होता लेकिन ऐसा नहीं है।उन्होंने कहा कि जहां पहले की सरकारों द्वारा माफियाओं को संरक्षण दिया जाता था वहीं आज माफियाओं के यहां छापेमारी और कार्यवाही की जाती है।देश मोदी के नेतृत्व में निरंतर विकास के मार्ग पर अग्रसर है।

संस्कृत विद्यालयों के पैसे से बने कब्रिस्तान
मुख्यमंत्री ने सपा सरकार पर प्रहार करते हुए कहा पूर्व की सरकार ने संस्कृत विद्यालयों का पैसा कब्रिस्तान में लगाकर खजाने को खाली करने का काम किया वही वर्तमान सरकार ने प्रदेश में संस्कृत विद्यालयों की स्थापना और उनमें योग्य शिक्षकों की तैनाती कर हर गरीब विद्यार्थी को शिक्षा मुहैया कराने का काम किया है। पूर्व की सरकार ने उर्दू अनुवादको की तैनाती की जिसमें ऐसे उर्दू अनुवादक रखे गए जिनका उर्दू से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं था मौजूदा सरकार योग्य उम्मीदवारों को नौकरी देने का काम कर रही है।

अटल जी के पैतृक घर पर न पहुंचने पर उनके परिजनों में हुई निराशा
अटल जी की जयंती पर बटेश्वर पहुंचे सूबे के मुखिया के अटल जी के जन्म स्थली पर पहुंचने की उनके परिजन उम्मीद लगाए रखे थे लेकिन व्यस्त कार्यक्रम के कारण वह अटल जी की जन्म स्थली तक नहीं जा सके जिससे उनके परिजनों को निराशा हुई। वही अटल जी के भतीजे राकेश वाजपेयी, अश्वनी वाजपेयी व सचिन बाजपेई ने कहा कि अटल जी की जयंती पर मुख्यमंत्री के बटेश्वर में आगमन को लेकर बहुत उत्साहित थे उन्हें उम्मीद थी कि अटल जी की जयंती पर बटेश्वर आगमन पर मुख्यमंत्री उनके घर आएंगे लेकिन अस्थि विसर्जन कार्यक्रम की तरह ही आज भी वह औपचारिकता निभा कर चले गए जिससे उन्हें निराशा हुई है।