Agra News: Being hurt by the administration, forced to convert
संवाददाता: कपिल चौरसिया
आगरा: डॉ भीमराव आंबेडकर पुल के तिराहे पर भारतीय संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा लगाने के संबंध में आगरा जिला अधिकारी महोदय के नाम ज्ञापन दिया
विगत पिछले महीनों से हमारे द्वारा आगरा प्रशासन को ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगों को लेकर कई बार ज्ञापन दिया था। जिस ओर आगरा प्रशासन ने हमारी मांग को अनदेखा कर दिया। हमारी मांग के अनुसार यमुना किनारे रोड़ से दूसरी ओर एत्मद्दौला जाने के लिए “भारत रत्न” बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के नाम से पुल का निर्माण हुआ था। जो कि सभी सरकारी दस्तावेजों में डॉ. अंबेडकर पुल के नाम से प्रसिद्ध है। और इस पुल व इसके आस-पास की भूमि डॉ अंबेडकर अनुयायियों के लिए आस्था से संबंधित है।
आगरा मेयर नवीन जैन और आगरा प्रशासन द्वारा डॉ भीमराव आंबेडकर के अनुयायियों की आस्था को ठेस पहुंचाने चाहते हैं और बाबा साहेब अंबेडकर जी के नाम को मिटाना चाहते हैं। और उस स्थान पर किसी अन्य महापुरुष की प्रतिमा लगा कर अराजकता का माहौल फैलाना चाहते हैं। हम किसी भी महापुरुष का अनादर नहीं करते और सभी महापुरुषों का सम्मान करते हैं। क्योंकि पुल से उतरते ही उस तिराहे को अभी तक अंबेडकर पुल होने के नाते अंबेडकर पुल सर्किल तिराहा बोलते है, फिर भी वहां किसी अन्य महापुरुष की प्रतिमा लगा रहे हैं।
इससे समस्त डॉ आंबेडकर अनुयायियों में बहुत निराशा का माहौल है, और वह दुःखी होकर धर्मपरिवर्तन कर हिन्दू धर्म त्याग कर। ईसाई धर्म अपनाना चाहते हैं। क्योंकि जब हिन्दू धर्म में समस्त डॉ आंबेडकर अनुयायियों की दलित समाज की जायज मांग का कोई सम्मान नहीं है व डॉ आंबेडकर का सम्मान नहीं है तो फिर ऐसे हिन्दू धर्म को त्याग कर। हम ईसाई धर्म अपनाना चाहते जो कि हमारा संवैधानिक अधिकार है।