Etawah news: Etawah committee meeting was organized for the upcoming programs of Amrit Mahotsav of Azadi.
ब्यूरो संवाददाता
इटावा: अनगिनत वीरों के बलिदान तथा करोड़ों देशवासियों के त्याग तपस्या के परिणाम स्वरूप 1947 में देश नें स्वतंत्रता प्राप्त की थी। देश को स्वतंत्रता प्राप्त हुए 75 वर्ष हो गए। स्वतंत्रता कें इन 75 वर्ष पूर्ण होने पर हम सब लोगों के लिए गौरव की अनूभूति का समय है वर्तमान पीढी कें लिए यह एक गौरवपूर्ण उत्तम अवसर प्राप्त हुआ है कि वह अपने पूर्वजों,स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों कें बलिदान का अध्ययन स्मरण कर अपने जीवन को उनकें अनुकूल बनाने का प्रयास करें। इसी विषय को ध्यान में रखते हुऐ अमृत महोत्सव इटावा की समिति ने 19 नंवबर 2021 जोकि महारानी लक्ष्मीबाई का जन्म दिवस है उस पावन दिवस सें विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम प्रारंभ किए जाऐगें और तथा इन कार्यक्रम की श्रंखला 16 दिसबंर 2021 विजय दिवस कें दिन तक चलेगी। इस कालावधि में विभिन्न प्रकार कें संस्कृति तथा समाज को प्रेरणा देने वाले कार्यक्रमों का आयोजन प्रस्तावित किया गया है। अमृत महोत्सव इटावा की समिति की अपेक्षा है की संपूर्ण समाज, बच्चे, युवा, वृद्ध, माताएं, बहनें, सबका सहकार इस पावन अभियान में प्राप्त हो।
अमृत महोत्सव इटावा की समिति कें अध्यक्ष राजेश जी नें कहा है की निम्न कार्यक्रमों की योजना आयोजन समिति नें बनायी है जिसमें ग्राम ग्राम बस्ती बस्ती चौराहों पर भारत माता की आरती का कार्यक्रम, देश को स्वतंत्रता दिलाने वाले वीर सपूतों की याद में ग्राम रथ, तिरंगा यात्रा, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से समाज को बलिदानी वीरों की गाथा की जानकारी देने के लिए इंटर व डिग्री कालेजों में प्रतियोगिताओं व विचार गोष्ठियों के आयोजन जैसे कार्यक्रम होंगे। इसके लिए आयोजन समितियां गठित की जाएंगी। संयोजक राजेश सिंह ने बताया कि दिसंबर के पहले हफ्ते में स्टेडियम में विशाल संख्या में एकत्र होकर सामूहिक वंदेमातरम का गान का भव्य कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है और देश को स्वतंत्रता प्राप्त कराने कें लिए तथा विभिन्न युद्धों में अपनी जीवन को आहुति करनें वाले बलिदानियों ,अमर सपूतों कें स्मारक पर दीपोत्सव का कार्यक्रम है एंव अन्य प्रकार कें कार्यक्रम आयोजित किऐ जाऐगें। इस आयोजित बैठक में समिति कें सरंक्षक श्री शंभूनाथ महराज जी, अध्यक्ष डा राजेश त्रिपाठी, संयोजक, श्री राजेश सिंह, मिडिया प्रमुख मंयक सिह भदौरिया एंव अन्य समिति कें सदस्य मौजूद रहे।