संवाददाता-राजेन्द्र कुमार
हाजीपुर वैशाली/राजापाकर थाना के बराँटी ओपी क्षेत्र के अनधरबाडा गांव मे घाघड़ा नदी पानी से लबालब है।लेकिन बच्चों सब उस नदी मे स्नान करने से बाज नही आ रहे है।उनका माता पिता भी उस भरा नदी मे स्नान करने से रोक नही पाते है।जबकि कही न कही डुबने की खबर पेपर टीबी पर यह खबर प्रतिदिन चलते रहता है।फिर भी बच्चे लोग या सेयाना लोग को भय नही है कि उफनती नदी मे कही डुब न जाऊं।जिला मे हर तरफ से बच्चे का डुबने की खबर छपती रहती है।लोग अपने आप मौत के मूँह मे जाने को तैयार है।इसमे प्रशासन या सरकार क्या कर सकती है।
जब बच्चे डुब कर मर जाते है तो लोग सरकार को कोसना शुरू कर देते है।माता पिता को चाहिए कि इस बाढ के पानी मे बच्चों को स्नान करने से रोकना चाहिए।लेकिन घर के अभिभावक ने ऐसा नही करते है।जब लोग डुबकर मर जाते है तो पछताने लगते है।अगर पहले अपने बच्चों पर शासन किया करते तो ऐसा हादसा का मूहँ नहीं देखना पड़ता।बाद मे रोना चिल्लाने से कोई फायदा नही होता है।अनधरबाड़ा गांव मे घागड़ा नदी मे छोटे छोटे बच्चों एवं 18से25वर्ष के लोग छंलाग लगाकर स्नान कर रहे थे और उनके माता पिता भी बैठे तमाशा देख रहे थे।
लेकिन अपने बच्चों को स्नान करने से मना नही किया।माता पिता खुद को खुशी जाहिर कर रहे थे।इससे साफ जाहिर होता है कि लोग अपने मौत को खुद निमंत्रण देकर बुला रहा है।बच्चे का डुबने की खबर प्रतिदिन कही न कही सुनने को या देखने को मिलता रहता है।फिर भी वह दृश्य देखकर सिख लेना चाहिए था।लेकिन ऐसा नही होगा