Bihar news आर्केस्ट्रा संचालक पर दुष्कर्म का आरोप, पीड़िता ने महिला थाने में दिया आवेदन
संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
कोलकाता की एक लड़की को कैटरिंग का काम दिलाने के बहाने लाकर आर्केस्ट्रा नचवाने व लड़की के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है. पीड़ित लड़की ने महिला थाना, कालीबाग ओपी में आवेदन दिया है और न्याय की गुहार लगाई है. महिला थानाध्यक्ष से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि पीड़िता के द्वारा आवेदन मिला है. लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई. पैसे का लेन-देन का मामला है।
पीड़िता ने आवेदन में बताया है कि साठी थाना क्षेत्र के भपटा का रहने वाला मुन्ना गुप्ता उसे कोलकाता से कैटरिंग में काम कराने के लिए लेकर आया था. लेकिन यहां पर लाकर उसने आर्केस्ट्रा में नचवाने लगा. पीड़िता ने आवेदन में यह भी बताया है कि मुन्ना गुप्ता उसके साथ दुष्कर्म करता रहा और जबरन शराब पिलाकर अपने साथियों के साथ भी दुष्कर्म कराता रहा. पीड़िता ने आवेदन में बताया है कि मुन्ना गुप्ता कोलकाता हमेशा आता रहता था. लड़कियों को कैटरिंग में काम दिलाने के बहाने लेकर आता था और उनको ब्लैकमेल कर जबरन आर्केस्ट्रा में नचवाता था. उनके साथ दुष्कर्म भी करता था और अपने साथियों के साथ भी मिलकर लड़कियों के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम देता था।
पीड़िता ने आवेदन में बताया कि मुन्ना गुप्ता कोलकाता उसके घर आया हुआ था और उसने 12000 महीने पर कैटरिंग में काम दिलाने के लिए वह कोलकाता से साठी लेकर आया था. लेकिन यहां पर आने के बाद उसने डरा धमका कर जबरन आर्केस्ट्रा में नचवाने लगा और उसके साथ दुष्कर्म भी करने लगा. विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी और जान से मारने की धमकी भी दी जाती थी. पीड़िता ने आवेदन में बताया कि जब वह भागने का प्रयास करती तो उसके अपराधी साथी उसे पकड़कर लाते थे और उसके साथ बुरी तरह मारपीट करते थे. 24 सितंबर की रात्रि 3:00 बजे वह किसी तरह अपनी जान बचाकर साठी पहुंची और वहां कुछ लोगों से मुलाकात की.उसने अपनी सारी आपबीती लोगों को बताई. जिसके बाद लोगों ने उसकी मदद की।
वहीं पीड़िता ने आरोप लगाया है कि मुन्ना गुप्ता को अपराधियों एवं स्थानीय दबंग लोगों से सांठगांठ है. जिस कारण उसके विरुद्ध आज तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई. जिसका फायदा उठाकर कोलकाता से वह लड़कियों को लेकर आता है और उनसे गलत काम करवाता है।
वहीं इस मामले में जब महिला थानाध्यक्ष राणा रणविजय सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पीड़िता के द्वारा आवेदन प्राप्त हुआ है. प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है. पैसे के लेन-देन का मामला है।