Etawah News: Birth centenary celebrations of 'Mughal-Azam' director K. Asif celebrated
ब्यूरो संवाददाता
इटावा: हिंदी सिनेमा को ‘मुग़ले-आज़म’ जैसी आइकॉनिक फिल्म का तोहफा देने वाले प्रसिद्ध निर्देशक के.आसिफ का जन्म शताब्दी समारोह इटावा के जाने माने इस्लामिया इंटर कोलेज में आयोजित हुआ। इस मौके पर मुख्य अतिथि श्री अजित रॉय ,विशिष्ट अतिथि श्री राजेश बादल, डॉ राकेश पाठक, मुर्तज़ा अली खान, दिनेश शाक्य जी, गुफरान अहमद साहब, शाह आलम शाह उपस्थित रहें। निर्देशक के.आसिफ़ का जन्म इटावा में ही हुआ था। समारोह उसी इस्लामिया इंटर कॉलेज में हुआ जहां के आसिफ़ जी ने पढ़ाई की थी। जन्म शताब्दी समारोह की थीम ‘सिनेमा-संसार: कला या बाज़ार’ रखा गया।

के. आसिफ चंबल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के संस्थापक शाह आलम ने बताया की पांचवें संस्करण के फेस्टिवल में ज्यूरी सदस्यों में प्रोफेसर मोहन दास के अलावा फिल्म समीक्षक साजन वर्मा, फिल्म अभिनेत्री मान्या पाठक, फिल्म निर्माता अलका कौशिक, स्क्रीनप्ले राइटर चंद्रजीत लाहिड़ी शामिल थे।
उन्होंने बताया की के. आसिफ का जन्म 14 जून, 1922 को इटावा शहर के मोहल्ला कटरा पुर्दल खां में हुआ था। मुफलिसी से घिरे हुए के. आसिफ ने इस्लामिया इंटर कालेज में सिर्फ आठवीं तक ही पढ़ाई कर पाए। इसके बाद वे मायानगरी मुंबई चले गए और वहां दर्जी का काम करने लगे लेकिन, सिनेमा के प्रति उनकी दिवानगी ने उन्हें अव्वल दर्जे का निर्देशक बना दिया। ‘मुगले आज़म’ फिल्म को बनाने के लिए के. आसिफ ने प्रसिद्ध सिने स्टूडियो ‘अमौस सिने लैबोरेटरी’ के मालिक शिराज अली हकीम के साथ मिलकर काम करना शुरू किया, इससे पहले हाकिम ने के. आसिफ के डायरेक्शन में बनने वाली पहली फिल्म फूल 1945 में भी उनके साथ काम किया था। फिल्म फूल को हिंदी सिनेमा की सबसे पुरानी मल्टीस्टारर फिल्मों में से एक माना जाता है।
के. आसिफ मशहूर फिल्म निर्माता ही नहीं बेहतरीन लेखक भी थे। उन्होंने भारतीय सिनेमा की सबसे भव्य और ऐतिहासिक माइलस्टोन फिल्म मुग़ले आजम बनाकर अमरता हासिल कर ली । वर्ष1949 में के. आसिफ ने शहीद-ए-आजम ‘भगत सिंह’ पर ख्वाजा अहमद अब्बास के साथ फिल्म निर्माण का काम शुरू किया था और 1951 में उनकी निर्मित ‘हलचल’ फिल्म रिलीज होते ही सिने प्रेमियों के जेहन पर छा गई।