Establishment of egalitarian society in independent India depended on Dhanna Seth: Dr. Dharmendra Kumar
लेखक – डॉ धर्मेंद्र कुमार
शक्तिहीन विपक्ष- विपक्ष की समस्या बोले तो क्या बोलें? कैसे बोले? कहां से बोले? और कितना बोले?
क्योंकि नोटबंदी पर, सरकारी विभागों की बिक्री पर, राष्ट्रपति की शक्तियां छीनने पर, गैस डीजल पेट्रोल दाम बढ़ोतरी पर ,आरक्षण खत्म होने पर, पेंशन खत्म होने पर, बेरोजगारी पर, लॉकडाउन पर, प्रधानमंत्री निधि फंड पर, नया संसद भवन बनाने पर ,सरदार पटेल की मूर्ति बनाने पर, नीरव मोदी विजय माल्या जैसे सैकड़ों फ्रॉड पर, किसानों के विषय पर, अस्पतालों की खराब व्यवस्था पर, बेटियों की दुष्कर्म और दुर्दशा पर, फसलों का वाजिब मूल्य न मिलने पर, असमय नौकरी से निकाले जाने पर, विपक्ष या उसके साथियों की वैधानिक तथा कानूनी प्रक्रिया में सबसे बड़ा ,बहुत बड़ा विरोध सिर्फ यह है कि मोदी का शासन फेल है l कानून व्यवस्था चौपट है भैया आ जाएंगे, बहन जी आ जाएगी, चाचा ताऊ आ जाएंगे, आजाद या युवा हृदय सम्राट आ जाएंगे ,सब ठीक हो जाएगा
क्योंकि इससे ज्यादा बेचारे को कुछ आता जाता ही नहीं l ज्यादा हो तो मुर्दाबाद ,हल्ला बोल क्योंकि विपक्ष के कार्यकर्ता बुद्धि के भार से मुक्त हैं l गाड़ी, चैन, कुर्ता राइफल, पिस्टल ही इनको नेता बनाता हैl विचारधारा और सशक्त विपक्ष का खत्म होना ही सबसे बड़ा कारण भारत की बर्बादी का l इसका सबसे बड़ा कारण कार्यकर्ता एवं राजनीतिक दल हैंl जो वैज्ञानिक दृष्टि से डबल जीरो , ट्रिपल जीरो से ज्यादा कुछ नहीं है l जो अच्छे कार्यकर्ताओं पर हावी होकर बाहर का रास्ता दिखाते हैं l
श्रीमान जी, आपको बात बड़ी कड़वी लग रही हो लेकिन मेरी या देश की दुर्दशा का कारण कोई और नहीं सिर्फ यही लोग हैं l
सरकार की आलोचना सिर्फ कानूनी और वैधानिक आधार पर ही सफल होती है जब वह बातें आगे बढ़ती हैं तो माहौल बनाने का कार्य करती हैं जिसमें कार्यकर्ता बिल्कुल सुरक्षित रहता है किंतु इसमें कार्यकर्ताओं को जो यह तरीका है जिंदाबाद -मुर्दाबाद का जिससे तमाम कार्यकर्ताओं को जोखिम उठाना पड़ता है उसका जिम्मेदार कौन है?
किंतु यहां दल किस विचारधारा पर काम कर रहे हैं? इसे तो हम समझ ही नहीं पा रहे आपकी समझ में आ रहा है तो मुबारक?
2022 में सावधान रहें ऐसे राजनीतिक दलों सामाजिक कार्यकर्ताओं से बचें जिन्हें खुद बोध नहीं हैं उनके साथ चलने वालों को वोट नहीं है बल्कि पहले प्रश्न पूछना है l एक अच्छी सरकार बनाने के लिए अच्छे लोगों का चुना जाना बौद्धिक तथा तार्किक लोगों का चुना जाना अति आवश्यक है l