Etawah News: वसंत पंचमी पर काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ

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संवाददाता महेश कुमार

इटावा: इकदिल दिनांक 16फर.2021 आज रितु मास की बसंत बेला में साहित्य सेवा निधि इकदिल द्वारा श्री हरिश्चंद्र जी की अध्यक्षता में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।काव्य गोष्ठी में आमंत्रित कवियों ने अपनी काव्य रचनाओं द्वारा बसंती छटा बिखेरते हुए अपनी रचनाओं का गान किया। संस्था के संस्थापक मनोज तिवारी जी ने “यह मेरी गजल है यह मेरी गजल है ” गाकर लोगों का मन मोह लिया। दीपक राज ने दुनिया का हाल बखान करते हुए कहा कि “अजब दुनिया का हाल है बंदे, बहुत बड़ा गड़बड़ झाल है बंदे”सुना कर वर्तमान परिस्थिति से लोगों को अवगत कराया। कुलदीप दुबे कहा कि देव कहूं मानव कहूं या पशु कहूं तुमसे ओ समाज में रहने वालों क्या कहूं तुमसे। भूलपुर से आए दीपचंद त्रिपाठी निर्मल जी ने कि भारत भक्तों की चाहत ऊंचा लहराए झंडा, तब संभव जब लगे सुदृढ़ लंबा कानूनी डंडा। एक दिल के कृष्ण आधुनिक रेखा के प्रिय गुलमोहर/ निस्संदेह तुम फल न देते हो/ किंतु जब ग्रीष्म ऋतु में सूर्य की तपिश से सुना कर प्रकृति के साथ अपनी संलग्ता को प्रदर्शित किया। कब गोष्ठी में आए हुए बहुत से श्रोताओं ने रचनाओं को सरहाते हुए आए हुए कवियों का पूरे मनोयोग के साथ श्रवण किया और नए वसंत की बेला में प्रवेश करते हुए अपनी उपस्थिति दर्ज की लगभग चार-पांच घंटे तक गोष्ठी का आयोजन चला

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