Agta News : भारत–फिलीपींस व्यापार बढ़ाने पर जोर, पूरन चन्द डावर ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का रखा लक्ष्य

IMG-20260923-WA0065
Share News

संवाददाता प्रताप सिंह आजाद

23 सितम्बर 2026। फिक्की के वरिष्ठ सदस्य एवं डावर फुटवियर इंडस्ट्रीज के चेयरमैन पूरन चन्द डावर ने मनीला में आयोजित ASEAN–India Business Forum 2026 में भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। फोरम में उन्होंने भारत और फिलीपींस के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए व्यापार के साथ-साथ निवेश, संयुक्त उत्पादन, तकनीकी सहयोग और एकीकृत सप्लाई चेन विकसित करने पर जोर दिया।

फोरम में मंत्रियों, राजनयिकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए डावर ने कहा कि भारत और फिलीपींस स्वाभाविक साझेदार हैं। दोनों देश जीवंत लोकतंत्र हैं और दोनों के पास युवा एवं उद्यमशील आबादी के साथ तेजी से बढ़ते बाजार हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर के नेतृत्व में दोनों देशों के संबंध रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंच चुके हैं। अब उद्योग और व्यापार जगत की जिम्मेदारी है कि इस साझेदारी को आर्थिक स्तर पर और मजबूत किया जाए।

IMG 20260923 WA0064

2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
पूरन चन्द डावर ने कहा कि भारत और फिलीपींस के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 4 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच रहा है, लेकिन दोनों देशों की वास्तविक क्षमता को देखते हुए इसमें काफी विस्तार की संभावनाएं हैं। उन्होंने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि व्यापार बढ़ाने के लिए केवल वस्तुओं की खरीद-बिक्री पर्याप्त नहीं होगी। दोनों देशों को निवेश, संयुक्त विनिर्माण, तकनीकी सहयोग और एकीकृत सप्लाई चेन की दिशा में भी ठोस कदम उठाने होंगे।

आर्थिक साझेदारी के लिए पांच प्रमुख सुझाव
डावर ने भारत और फिलीपींस के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने प्रस्तावित Preferential Trade Agreement को गति देने और अधिक संभावनाओं वाले उत्पादों के लिए शीघ्र Early Harvest Package तैयार करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि तेज कस्टम क्लीयरेंस, मानकों की पारस्परिक मान्यता और सरल पंजीकरण प्रक्रिया के जरिए व्यापार में आने वाली गैर-शुल्क बाधाओं को कम करना जरूरी है।

इसके साथ ही उन्होंने फार्मास्यूटिकल्स एवं हेल्थकेयर, डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, अक्षय ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा उत्पादन, ऑटोमोबाइल, फुटवियर और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में विशेष साझेदारी विकसित करने की आवश्यकता बताई।

MSMEs और स्टार्टअप्स को सीधे जोड़ने पर जोर
डावर ने कहा कि दोनों देशों के MSMEs, स्टार्टअप्स, खरीदारों और रिटेलर्स को सीधे जोड़ने की जरूरत है। इसके लिए व्यापारिक साझेदारों की विश्वसनीय जानकारी, बाजार से संबंधित डेटा और ट्रेड फाइनेंस जैसी सुविधाओं को मजबूत किया जाना चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के बाद संभावित परियोजनाओं की पहचान की जाए। इसके लिए जिम्मेदार भागीदार तय किए जाएं और समय-सीमा के साथ स्पष्ट बिजनेस पाइपलाइन तैयार हो, ताकि बैठकों और चर्चाओं का परिणाम वास्तविक व्यावसायिक परियोजनाओं के रूप में सामने आ सके।IMG 20260923 WA0063

 

इंडो-पैसिफिक के लिए संयुक्त उत्पादन की संभावनाएं
पूरन चन्द डावर ने कहा कि भारत के पास विशाल घरेलू बाजार, किफायती तकनीक, कुशल मानव संसाधन और मजबूत विनिर्माण क्षमता है। दूसरी ओर, फिलीपींस के पास तेजी से बढ़ता उपभोक्ता बाजार, अंग्रेजी भाषी प्रतिभा और ASEAN देशों तक रणनीतिक पहुंच है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों की क्षमताओं को एक साथ लाकर न केवल घरेलू बाजारों बल्कि पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए संयुक्त रूप से उत्पादन किया जा सकता है।

श्रम-प्रधान उद्योगों की बढ़ती भूमिका
अपने संबोधन में डावर ने मैन्युफैक्चरिंग और श्रम-प्रधान उद्योगों के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में श्रम-प्रधान उद्योग रोजगार, विकास और सप्लाई चेन के महत्वपूर्ण केंद्र बन रहे हैं।

अपने फुटवियर उद्योग के अनुभव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र को कभी केवल कारीगरों का उद्योग माना जाता था, आज उसका वैश्विक कारोबार लगभग 450 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। भारत का फुटवियर एवं लेदर क्षेत्र लगभग 26 अरब डॉलर का है और इसे वर्ष 2030 तक 50 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि भारत और फिलीपींस दोनों के पास बड़ी युवा आबादी है। ऐसे में श्रम-प्रधान विनिर्माण के क्षेत्र में दोनों देश दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता विकसित कर सकते हैं। इसके लिए उत्पादन क्षमता, तकनीक, कौशल विकास और वैश्विक बाजारों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।

व्यापार से आगे साझेदारी और ठोस परिणामों की ओर बढ़ने का आह्वान
अपने संबोधन के अंत में पूरन चन्द डावर ने कहा कि भारत–फिलीपींस संबंधों का अगला अध्याय केवल सरकारों द्वारा नहीं लिखा जाएगा, बल्कि दोनों देशों के उद्योग, उद्यमी, MSMEs और युवा इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने व्यापार से आगे बढ़कर साझेदारी, सप्लाई से सह-उत्पादन और अवसरों से मापनीय परिणामों की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
डावर ने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों देशों के उद्योगों के बीच मजबूत सहयोग से निवेश, रोजगार, तकनीकी विकास और नए व्यावसायिक अवसरों को बढ़ावा मिलेगा तथा भारत–फिलीपींस आर्थिक संबंधों को नई दिशा मिलेगी।

Trending News