संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण। जनवादी लेखक संघ (जलेस) के बैनर तले रिक्शा मजदूर सभा भवन में मुंशी प्रेमचंद का स्मृति दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. गोरख प्रसाद मस्ताना ने की, जबकि संचालन जलेस के जिला मंत्री अनिल अनल ने किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जलेस के जिला अध्यक्ष डॉ. जाकिर हुसैन जाकिर ने वर्तमान दौर की परिस्थितियों पर प्रकाश डाला और अपनी रचनाओं की प्रस्तुति से उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं डॉ. जफर इमाम जफर और अरुण गोपाल ने कहा कि “सरलता सबलता को ढालती है।”

निखिल चंद्र पांडेय, श्याम जी ठाकुर, नवल जी और डॉ. ज्ञानेश गुंजन ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दी। उनकी रचना ‘साहब खालन इंडिया गेट’ को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। कवि नंदलाल ठाकुर, राजीव जी तथा प्रगतिशील लेखक संघ के संयोजक अतुल अंजान ने ‘बदरा हो और बरस मेरा गांव’ रचना प्रस्तुत की, जिसे भी श्रोताओं की खूब सराहना मिली। कवि जय किशोर जय ने अपनी रचना से उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया।
कार्यक्रम में बिहार राज्य किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष प्रभुराज नारायण राव ने कहा कि आज किसानों, मजदूरों, छात्रों, नौजवानों और महिलाओं पर जिस प्रकार के हमले बढ़ रहे हैं, उन्हें रोकने के लिए लेखकों को अपनी कलम और कविताओं के माध्यम से आम जनता को जागरूक करना होगा।
इस अवसर पर किसान सभा के जिला मंत्री प्रकाश कुमार वर्मा, सीआईटीयू के जिला महासचिव शंकर कुमार राव तथा सीआईटीयू से संबद्ध तांगा चालक संघ के महासचिव नीरज बरनवाल ने भी अपने विचार व्यक्त किए।