संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिम चंपारण।
वरीय उप समाहर्ता-सह-जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस) श्रीमती रोचना माद्री ने बाल गृह एवं शक्तिसदन का औचक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों एवं महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता तथा गुणवत्तापूर्ण देखभाल को लेकर संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के क्रम में बाल गृह में आवासित बच्चों की स्थिति, उपस्थिति, व्यक्तिगत विवरण तथा बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) से संबंधित अभिलेखों की समीक्षा की गई। वहीं, शक्तिसदन में रह रही महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा उन्हें उपलब्ध कराई जा रही आवश्यक सुविधाओं का भी गहन निरीक्षण किया गया।

श्रीमती रोचना माद्री ने परिसर की साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता, आवासीय व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, कर्मियों की उपस्थिति एवं कार्यप्रणाली, एएनएम द्वारा किए जा रहे स्वास्थ्य परीक्षण तथा संबंधित अभिलेखों एवं रजिस्टरों के संधारण की जांच की। उन्होंने सभी अभिलेखों को नियमित रूप से अद्यतन रखने तथा संस्थान में रह रहे बच्चों एवं महिलाओं को सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान चिन्हित कमियों को शीघ्र दूर करने तथा संस्थान की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
श्रीमती रोचना माद्री ने कहा कि बाल गृह एवं शक्तिसदन केवल आवासीय संस्थान नहीं, बल्कि बच्चों एवं महिलाओं के सुरक्षित, सम्मानजनक और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं। यहां रहने वाले प्रत्येक बच्चे और महिला को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण भोजन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, स्वच्छ परिसर तथा आत्मीय देखभाल उपलब्ध कराना सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि संस्थानों की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि शासन द्वारा निर्धारित सभी मानकों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित हो और किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश न रहे।
समग्र रूप से निरीक्षण के दौरान संस्थान की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। श्रीमती रोचना माद्री ने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने तथा बच्चों एवं महिलाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।