Bihar News: पश्चिमी चंपारण में वीटीआर के पास बाघ के हमले में बुजुर्ग गंभीर घायल, जीएमसीएच बेतिया रेफर

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बकरियां चराने के दौरान बाघ ने किया हमला, ग्रामीणों की सतर्कता से बची जान; वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी

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संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण।

पश्चिमी चंपारण जिले में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) के समीप गुरुवार को बाघ के हमले में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना भारत-नेपाल सीमा के निकट वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र के बिसाहा गांव के पास हाथीमलखांटा नहर के समीप उस समय हुई, जब वे अन्य ग्रामीणों के साथ बकरियां चरा रहे थे।

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घायल की पहचान बिसाहा गांव निवासी अकलू यादव के रूप में हुई है। घटना के बाद उन्हें तत्काल वाल्मीकिनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बगहा अनुमंडलीय अस्पताल रेफर किया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर उपचार एवं सर्जरी के लिए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच), बेतिया रेफर कर दिया।

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घायल के पुत्र रोहित कुमार ने बताया कि उनके पिता अन्य ग्रामीणों के साथ बकरियां चरा रहे थे। इसी दौरान अचानक जंगल से निकले बाघ ने उन पर हमला कर दिया और उनके पैर को अपने जबड़े में जकड़ लिया। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाकर साहस का परिचय दिया, जिसके बाद बाघ वहां से भाग गया। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण समय पर हस्तक्षेप नहीं करते, तो बाघ उनके पिता को जंगल की ओर खींच ले जाता।

रोहित कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही वे तुरंत घटनास्थल पहुंचे और अपने पिता को इलाज के लिए वाल्मीकिनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बगहा अनुमंडलीय अस्पताल भेजा गया।

बगहा अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सक डॉ. तारिक नदीम ने बताया कि बाघ के हमले में बुजुर्ग के दाहिने पैर पर कई गंभीर घाव हैं तथा काफी मात्रा में कोमल ऊतकों (सॉफ्ट टिश्यू) को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा दोनों हाथों पर भी गहरे जख्म हैं। उन्होंने बताया कि मरीज की स्थिति गंभीर है और सर्जरी की आवश्यकता को देखते हुए उन्हें जीएमसीएच बेतिया रेफर किया गया है।

वहीं, वाल्मीकिनगर फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर सत्यम कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वे फॉरेस्टर आशीष कुमार एवं वनकर्मियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीमें बाघ की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं तथा उसकी तलाश की जा रही है।

वन विभाग ने आसपास के गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे दिन में खेतों या जंगल के आसपास समूह में जाएं तथा रात के समय जंगल से सटे रास्तों का उपयोग करने से बचें।

घटना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के आसपास रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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