संवाददाता : मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चम्पारण।
पश्चिमी चम्पारण जिले के बगहा-1 प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत राज बसवरिया में CoP-D (Community of Practice for Demand) कार्यक्रम के तहत बच्चों के नियमित टीकाकरण एवं मातृ एवं शिशु सुरक्षा (MCP) कार्ड के महत्व के प्रति समुदाय को जागरूक करने के उद्देश्य से एक भव्य जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया।

रैली में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सीएम जीविका दीदियों, सीएनआरपी (CNRP) जीविका, CoP-D कार्यक्रम की टीम तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, बसवरिया से हुआ, जहां विद्यालय के प्रधानाध्यापक मंतोष कुमार शारदा ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रैली को रवाना किया। रैली पंचायत के विभिन्न वार्डों और प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। इस दौरान बच्चों और प्रतिभागियों ने टीकाकरण से संबंधित प्रेरक नारों के माध्यम से लोगों को समय पर एवं पूर्ण टीकाकरण कराने का संदेश दिया।
रैली के समापन पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापक मंतोष कुमार शारदा ने कहा कि प्रत्येक बच्चे का समय पर टीकाकरण कराना परिवार और समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों का नियमित टीकाकरण कराने तथा एमसीपी (MCP) कार्ड को सुरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह कार्ड बच्चे के स्वास्थ्य एवं टीकाकरण का महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक जय प्रकाश कुशवाहा, कविता कुमारी, मधुबाला, अरविंद कुमार, राम किशोर, कुमारी कुमकुम, धीरज कुमार, चंदा रानी, सुपुजिता कुमारी, स्वामी नाथ एवं उमेश कुमार ने भी बच्चों और अभिभावकों को नियमित टीकाकरण के लाभ तथा MCP कार्ड के महत्व की जानकारी दी।
कार्यक्रम में CoP-D के सीनियर मैनेजर मनोज कुमार सिंह, उमेश तिवारी, सहायक जिला समन्वयक रामजीत वर्मा, छत्रपति जी, कृपा नारायण तिवारी एवं अमित पाठक सहित अन्य टीम सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई और समुदाय को शत-प्रतिशत नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के माध्यम से समुदाय में बच्चों के पूर्ण टीकाकरण, MCP कार्ड के सुरक्षित रखरखाव तथा स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता का सकारात्मक संदेश प्रसारित किया गया। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि सामुदायिक सहयोग और जनभागीदारी से शत-प्रतिशत नियमित टीकाकरण के लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सकता है।