संवाददाता : मोहन सिंह
बेतिया, पश्चिमी चंपारण। बिहार सरकार के ‘सेवा, संकल्प और समर्पण’ अभियान के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा पटना में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम के दौरान राज्यभर में ₹11,464 करोड़ की लागत से 2,476 विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण पश्चिम चंपारण जिले में समाहरणालय सभागार से लेकर पंचायत स्तर तक किया गया, जिसे बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों ने देखा।

समाहरणालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह, अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा, अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार, वरीय उप समाहर्ता-सह-जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी रोचना माद्री, विशेष कार्य पदाधिकारी सुजीत कुमार, वरीय उप समाहर्ता नगमा तबस्सुम, विकास कुमार, अहमद अली अंसारी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने कहा कि बिहार सरकार के 100 दिनों के कार्यकाल में पश्चिम चंपारण जिले ने विकास और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि जिले के सभी 18 प्रखंडों में मॉडल स्कूल शुरू किए गए हैं, जबकि 8 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेजों का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और जिला प्रशासन शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीनों में सहयोग शिविर और सहयोग पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रभावी कार्य किया गया है। पश्चिम चंपारण में सहयोग पोर्टल पर लगभग 34 हजार आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से करीब 31 हजार आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाना है।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि पंचायत विकास दिवस, टीबी मुक्त भारत अभियान तथा अन्य जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया है।
उन्होंने पेंशनधारियों के जीवन प्रमाणीकरण अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि अब सभी पंचायतों में बायोमेट्रिक डिवाइस उपलब्ध करा दिए गए हैं, जिससे लाभुक पंचायत स्तर पर ही जीवन प्रमाणीकरण करा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जिले के लगभग 90 प्रतिशत पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण पूरा हो चुका है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट के विकास कार्यों को गति देने के लिए नए टर्मिनल निर्माण हेतु भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव संबंधित विभाग को भेज दिया गया है। जिला प्रशासन विकास परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन द्वारा बीते 100 दिनों में जिले में हुए विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसका निर्माण जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय ने किया था। साथ ही जिलेभर में होर्डिंग, बैनर एवं अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए सरकार की उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया गया।
कार्यक्रम को आकर्षक बनाने में जीविका दीदियों ने समाहरणालय परिसर में सुंदर रंगोली बनाकर महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका मेरी एडलिन ने किया।
इस अवसर पर जिले में 179 लाभुकों के बीच बासगीत पर्चा का वितरण भी किया गया। समाहरणालय सभागार में जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने प्रतीकात्मक रूप से 10 लाभुकों को बासगीत पर्चा प्रदान किया। लाभुकों ने इस पहल के लिए जिला प्रशासन एवं बिहार सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।