संवाददाता : मोहन सिंह
बेतिया, पश्चिमी चंपारण। बिहार बंद के दौरान शनिवार को बेतिया में छात्रों और विभिन्न विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान शहर के कई हिस्सों में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प एवं पथराव की घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब एक दर्जन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र एवं विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए समाहरणालय के मुख्य द्वार तक पहुंचे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। शहर के संवेदनशील स्थलों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। दंगा नियंत्रण वाहन, अग्निशमन वाहन तथा आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के साथ पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महावत टोली चौक के समीप कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर लगे प्लास्टिक डिवाइडरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया तथा पथराव की घटना हुई। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया।
हंगामे के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी महावत टोली चौक स्थित एक होटल में जाकर छिप गए। पुलिस ने होटल की घेराबंदी कर वहां से करीब एक दर्जन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
करीब दो घंटे तक चली इस पूरी घटना के बाद स्थिति सामान्य हुई। इसके पश्चात पुलिस ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में फ्लैग मार्च कर कानून-व्यवस्था का जायजा लिया। बिहार बंद का नगर में मिला-जुला असर देखने को मिला तथा लगभग चार घंटे तक कई स्थानों पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।