संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
हाजीपुर, वैशाली।
36वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस–2026 के जिला स्तरीय आयोजन की तैयारियों के तहत महुआ अनुमंडल के विज्ञान शिक्षकों की कार्यशाला 15 अप्रैल 2026 को डायट, हाजीपुर में सफलतापूर्वक आयोजित की गई।

कार्यशाला का उद्घाटन डायट की प्रधानाध्यापिका श्रीमती शालिनी प्रसाद, साइंस फॉर सोसायटी, वैशाली के अध्यक्ष प्रो. नवल किशोर शर्मा, आर.एन. कॉलेज, हाजीपुर के वनस्पति विज्ञान विभाग की प्राध्यापिका डॉ. प्रियंका चटर्जी तथा राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की जिला समन्वयक श्रीमती सीमा सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

इस वर्ष राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का मुख्य विषय “निरंतरता के लिए विज्ञान एवं नवाचार” निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत पाँच उप-विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रथम उप-विषय “अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कम करना (Reduce for Waste Management)” पर प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन के उपायों की जानकारी दी गई।
द्वितीय उप-विषय “ऊर्जा के लिए अन्वेषण, प्रयोग, संवर्धन एवं विकास” पर प्रो. नवल किशोर शर्मा ने ऊर्जा संरक्षण, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों तथा नवाचार में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला।
तृतीय उप-विषय “वर्षा जल संचयन, जल संसाधनों का उपयोग, पुनर्चक्रण एवं संरक्षण” पर डॉ. प्रियंका चटर्जी ने जल प्रबंधन के विभिन्न आयामों को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया।
चतुर्थ उप-विषय “भोजन, कृषि एवं स्वास्थ्य” पर प्रधानाध्यापिका श्रीमती रूबी कुमारी ने कृषि, पारिस्थितिकी और स्वास्थ्य के बीच के संबंधों को रेखांकित किया।
पंचम उप-विषय “निरंतरता के लिए भारतीय ज्ञान प्रणालियों का अनुप्रयोग” के अंतर्गत पारंपरिक ज्ञान, स्थानीय संसाधनों के उपयोग एवं टिकाऊ जीवनशैली के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।