संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण।
राज्य सरकार की उच्च शिक्षा को सुदृढ़ बनाने की पहल के तहत 15 जुलाई 2026 को राज्य के 211 नवस्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में पठन-पाठन कार्य का शुभारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। कार्यक्रम के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर पश्चिम चंपारण के जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में समीक्षा बैठक की।

बैठक में शिक्षा विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। जिला पदाधिकारी ने तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिया कि जिले के सभी नवस्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में कार्यक्रम का गरिमापूर्ण एवं व्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कार्यक्रम स्थलों पर स्वच्छता, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, बैठक व्यवस्था, ध्वनि विस्तारक यंत्र, इंटरनेट कनेक्टिविटी तथा मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लाइव प्रसारण की समुचित व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी करने को कहा।
जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने कहा कि राज्य सरकार की यह पहल उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे विद्यार्थियों को अपने प्रखंड एवं आसपास के क्षेत्रों में ही गुणवत्तापूर्ण स्नातक शिक्षा उपलब्ध होगी। साथ ही उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर होने वाले पलायन में कमी आएगी तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि पश्चिम चंपारण जिले के आठ नवस्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में भी 15 जुलाई से पठन-पाठन शुरू किया जाएगा। इनमें—
1. राजकीय डिग्री महाविद्यालय, मझौलिया
2. राजकीय डिग्री महाविद्यालय, चनपटिया
3. राजकीय डिग्री महाविद्यालय, योगापट्टी
4. राजकीय डिग्री महाविद्यालय, बैरिया
5. राजकीय डिग्री महाविद्यालय, ठकराहां
6. राजकीय डिग्री महाविद्यालय, सिकटा
7. राजकीय डिग्री महाविद्यालय, भितहा
8. राजकीय डिग्री महाविद्यालय, पिपरासी
शामिल हैं।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि इन महाविद्यालयों में पठन-पाठन शुरू होने से जिले के हजारों छात्र-छात्राओं को अपने क्षेत्र में ही स्नातक स्तर की शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और उच्च शिक्षा की पहुंच को नई मजबूती मिलेगी।