Bihar News: 11 सूत्रीय मांगों को लेकर डीएम कार्यालय पर आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, सौंपा मांगपत्र

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बेतिया में सैकड़ों आशा एवं आशा फैसिलिटेटर ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर लंबित भुगतान, सेवा स्थायीकरण और मानदेय सहित विभिन्न मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की।

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संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण।

बिहार राज्य आशा संघ एवं बिहार राज्य आशा फैसिलिटेटर संघ (एटक) के राज्यव्यापी आह्वान पर पश्चिम चंपारण की सैकड़ों आशा एवं आशा फैसिलिटेटर ने जिला पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए लंबित भुगतान, मानदेय एवं सेवा संबंधी विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाया।

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धरना दे रही आशा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं की आधारशिला होने के बावजूद उनके बकाया भुगतान का समय पर निपटारा नहीं किया जा रहा है। साथ ही ड्रेस एवं मोबाइल रिचार्ज मद की राशि में कटौती की जा रही है, जबकि कार्यभार लगातार बढ़ाया जा रहा है।

प्रदर्शन के दौरान आशा एवं आशा फैसिलिटेटर ने मांग की कि लंबित भुगतान अविलंब किया जाए, ड्रेस एवं मोबाइल रिचार्ज की राशि में की गई कटौती वापस ली जाए, सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए तथा आयु सत्यापन के लिए आधार कार्ड को मान्य दस्तावेज माना जाए।

इसके अलावा तीन वर्षों से अधिक समय से एक ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित अकाउंटेंट एवं बीसीएम का स्थानांतरण, आशा एवं फैसिलिटेटर का भुगतान पूर्व की भांति अश्विनी पोर्टल के माध्यम से कराने, आशा कार्यकर्ताओं की सेवा स्थायी करने तथा ₹26,000 मासिक मानदेय लागू करने की भी मांग की गई।

प्रदर्शनकारियों ने आशा कार्यकर्ताओं के कथित मानसिक उत्पीड़न पर रोक लगाने, एक ही आंगनबाड़ी केंद्र पर दो या तीन आशाओं की नियुक्ति की व्यवस्था समाप्त करने तथा लौरिया प्रखंड में बीसीएम रीना मोदी पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग उठाई।

धरना के उपरांत संघ का दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ओम प्रकाश क्रांति के नेतृत्व में जिला पदाधिकारी से मिला और उन्हें 11 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि जब तक आशा एवं आशा फैसिलिटेटर का लंबित भुगतान नहीं हो जाता, तब तक संबंधित प्रभारी, बीसीएम एवं अकाउंटेंट के भुगतान पर रोक लगाने संबंधी निर्देश जारी किए जाएं, ताकि लंबित भुगतान की समस्या का शीघ्र समाधान हो सके।

धरना को संबोधित करते हुए ट्रेड यूनियन नेताओं एवं महिला प्रतिनिधियों ने कहा कि आशा कार्यकर्ता वर्षों से गांव-गांव जाकर टीकाकरण, सुरक्षित प्रसव, पोषण, परिवार कल्याण एवं विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें सम्मानजनक मानदेय, समय पर भुगतान तथा सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।

वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता रंजना चौहान ने की। इस अवसर पर साधना देवी, पुष्पा, मुन्ना, सरोज सहित बड़ी संख्या में आशा एवं आशा फैसिलिटेटर उपस्थित रहीं। वहीं ट्रेड यूनियन नेता फिरोज भारती, उर्मिला, आरती पटेल, शहनाज, माला, सुनीता, पूनम, गुलाबी देवी एवं संजना सहित अन्य वक्ताओं ने सभा को संबोधित करते हुए आशा कार्यकर्ताओं के आंदोलन का समर्थन किया और उनकी मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की।

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