संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
बरांटी, वैशाली।
कृषि विज्ञान केंद्र, हरिहरपुर (वैशाली) द्वारा शारदीय खरीफ महाअभियान 2026 के अंतर्गत बरांटी थाना क्षेत्र के अंघरवाड़ा गांव में कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान खेत बचाओ अभियान के तहत संतुलित उर्वरक उपयोग, जैविक खेती तथा हरी खाद के महत्व के प्रति किसानों को जागरूक किया गया।

यह कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र, वैशाली के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अनिल कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व डॉ. कविता वर्मा, वैज्ञानिक (गृह विज्ञान) ने किया। उन्होंने किसानों को जैविक खेती अपनाने की विधियों, जैविक खाद, जैव उर्वरक तथा जैव कीटनाशियों के व्यवहारिक उपयोग की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जैविक खेती के माध्यम से रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों से बचाव किया जा सकता है। साथ ही फसलों की गुणवत्ता में वृद्धि और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है।
वहीं, गोरौल प्रखंड के ग्राम गोरौल में आयोजित खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम का नेतृत्व आयुष्मान द्विवेदी, कार्यक्रम सहायक (लैब टेक्नीशियन), कृषि विज्ञान केंद्र, वैशाली ने किया। उन्होंने किसानों को ग्रीन मैन्यूरिंग (हरी खाद) जैसे मूंग एवं सनई के महत्व तथा मृदा जांच के विषय में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हरी खाद मिट्टी की उर्वराशक्ति बढ़ाने, जैविक कार्बन में वृद्धि करने तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम में खुशबू कुमारी (सहायक तकनीकी प्रबंधक), सलोनी प्रिया राय (सहायक तकनीकी प्रबंधक) तथा राजेश कुमार (किसान सलाहकार) ने भी भाग लिया। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में संतुलित पोषण प्रबंधन एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती की तकनीकों में गहरी रुचि दिखाई तथा कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा संचालित खेत बचाओ अभियान की सराहना की।