संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
राजापाकर, वैशाली।
कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) वैशाली द्वारा वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अनिल कुमार सिंह के मार्गदर्शन में राजापाकर प्रखंड के बखरी बराई तथा हाजीपुर प्रखंड के हिलालपुर गांव में “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत किसान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में डॉ. अनिल कुमार सिंह एवं वैज्ञानिक (कृषि अभियंत्रण) इंजीनियर कुमारी नम्रता ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा परीक्षण, मृदा नमूना संग्रहण (सॉइल सैंपलिंग), जैविक खेती तथा लेजर लैंड लेवलिंग तकनीक के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
वैज्ञानिकों ने बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का उपयोग करने से उत्पादन लागत में कमी आती है और मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को जैविक खेती के विभिन्न पहलुओं और उसके लाभों से भी अवगत कराया। साथ ही फसल उत्पादन में रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान लेजर लैंड लेवलिंग तकनीक के लाभों पर चर्चा करते हुए बताया गया कि इससे सिंचाई जल की बचत होती है, खेत समतल रहता है, फसल की समान वृद्धि होती है तथा उत्पादन में वृद्धि होती है।
कार्यक्रम के उपरांत वैज्ञानिकों ने किसानों के खेतों का भ्रमण कर फसलों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान कई किसानों ने लेजर लैंड लेवलिंग तकनीक को अपनाने में रुचि दिखाई। किसानों ने आगामी खरीफ मौसम में डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) तकनीक से धान की खेती करने की अपनी योजना भी साझा की, जिसकी वैज्ञानिकों ने सराहना करते हुए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने कृषि एवं फसल प्रबंधन से संबंधित विभिन्न समस्याओं और जिज्ञासाओं को वैज्ञानिकों के समक्ष रखा, जिनका विस्तारपूर्वक समाधान किया गया।
इस अवसर पर प्रगतिशील किसान नादिर अली, प्रभु दयाल सिंह, कृषि समन्वयक शिशिर कुमार, किसान सलाहकार दिनेश कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।