संवाददाता: आलापुर, अम्बेडकरनगर
स्थान: आलापुर, जिला अम्बेडकरनगर (उत्तर प्रदेश)
दिनांक: 21 मार्च 2026
अम्बेडकरनगर जनपद के थाना आलापुर क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक मामूली विवाद ने कथित रूप से हिंसक रूप ले लिया।

ग्राम शाहपुर औराव निवासी अच्छे लाल के अनुसार, 10 मार्च 2026 की शाम करीब 6:30 बजे विपक्षी पक्ष के लोगों ने उनकी पत्नी पर सामूहिक हमला कर दिया।
धारदार हथियार से हमला करने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनकी पत्नी को घर से खींचकर बाहर लाया गया, बाल पकड़कर घसीटा गया और कई लोगों द्वारा पकड़कर रखने के दौरान एक आरोपी ने धारदार हथियार से उनके सिर पर वार कर दिया।
इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। आरोप है कि उनके सिर में गहरी चोट आई, भारी रक्तस्राव हुआ और वह मौके पर ही बेहोश हो गईं।
FIR में हल्की धाराएं लगाने का आरोप
घटना को लेकर एक बड़ा सवाल तब खड़ा हुआ, जब पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि थाना आलापुर में दर्ज FIR संख्या 0054 में केवल सामान्य धाराएं लगाई गई हैं, जबकि घटना गंभीर और जानलेवा प्रकृति की थी।
पीड़ित का यह भी कहना है कि मेडिकल परीक्षण में चोटों की वास्तविक स्थिति को सही तरीके से दर्ज नहीं किया गया, जिससे पूरे मामले पर संदेह और गहरा गया है।
धमकियों से डरा सहमा परिवार
पीड़ित परिवार के अनुसार, घटना के बाद से आरोपी लगातार गाली-गलौज और जान से मारने की कथित धमकियां दे रहे हैं।
परिवार का कहना है कि वे भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार
शिकायतकर्ता ने बताया कि वह थाना स्तर से लेकर पुलिस अधीक्षक तक कई बार शिकायत कर चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
अब पीड़ित ने मुख्यमंत्री से सीधे हस्तक्षेप की मांग करते हुए निष्पक्ष जांच, सख्त कानूनी कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।
प्रशासन पर टिकी नजर
फिलहाल यह मामला शिकायतकर्ता के आरोपों पर आधारित है, लेकिन उठ रहे सवाल बेहद गंभीर हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।
मुख्य बिंदु
- आलापुर क्षेत्र में महिला पर कथित जानलेवा हमला
- धारदार हथियार से सिर पर वार का आरोप
- FIR में हल्की धाराएं लगाने का आरोप
- पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
- सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग