संवाददाता : मोहन सिंह
स्थान : ठकराहां, जिला पश्चिम चंपारण (बिहार)
दिनांक : 13 मार्च 2026
ठकराहां प्रखंड में पहली बार दिव्यांगजनों को मिली बैट्री ट्राईसाइकिल के अंतर्गत पश्चिम चंपारण जिले के सुदूरवर्ती ठकराहां प्रखंड में पहली बार मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजना ‘संबल’ के तहत दिव्यांगजनों को बैट्री चालित ट्राईसाइकिल प्रदान की गई। इस योजना के तहत चार दिव्यांग लाभुकों को बैट्री चालित ट्राईसाइकिल का वितरण किया गया, जिससे उनकी दैनिक जीवन की गतिविधियों और रोजगार में सहूलियत मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान प्रखंड प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा आम नागरिक भी उपस्थित रहे। यह पहल दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इन चार लाभुकों को मिला योजना का लाभ
ठकराहां प्रखंड में आयोजित कार्यक्रम में चार दिव्यांगजनों को बैट्री चालित ट्राईसाइकिल दी गई। लाभुकों के नाम इस प्रकार हैं—
- जग मुखिया
- संतोष गुप्ता
- भृगुन राम
- शगुन राम
सरकार की इस योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों को गतिशीलता प्रदान करना और उन्हें रोजगार, शिक्षा तथा सामाजिक जीवन में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए सक्षम बनाना है।
योजना के लिए यह है आवश्यक पात्रता
प्रखंड प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ आवश्यक पात्रताएं निर्धारित की गई हैं।
योजना की मुख्य पात्रता
- आवेदक के पास 40 प्रतिशत या उससे अधिक चलंत दिव्यांगता प्रमाण पत्र होना चाहिए
- लाभुक बिहार राज्य का निवासी होना चाहिए
- आवेदन बिहार सरकार के ऑनलाइन पोर्टल ‘संबल’ पर करना होता है
इस योजना के तहत दिव्यांगजनों को बैट्री चालित ट्राईसाइकिल देकर उनकी आवाजाही को आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
ट्राईसाइकिल मिलने से रोजगार में मिलेगी मदद
लाभुक संतोष गुप्ता ने बताया कि वे भतहवा चौक पर एक छोटा होटल चलाते हैं। बैट्री चालित ट्राईसाइकिल मिलने से उनके व्यवसाय में काफी मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि अब वे आसानी से ठकराहां बाजार जाकर अपने होटल के लिए आवश्यक सामग्री खरीद सकेंगे।
संतोष गुप्ता ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की इस कल्याणकारी योजना से उन्हें नई उम्मीद मिली है। उन्होंने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु होने की कामना भी की।
चार और दिव्यांगजनों को जल्द मिलेगा लाभ
प्रखंड विकास पदाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत चार और दिव्यांगजनों के लिए बैट्री चालित ट्राईसाइकिल की स्वीकृति जिला पदाधिकारी द्वारा प्रदान की गई है।
उन्होंने कहा कि इन ट्राईसाइकिलों का वितरण इसी माह के अंत तक किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को योजना का लाभ मिल सके।
दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए लगाया जाएगा शिविर
प्रखंड प्रशासन द्वारा बताया गया कि सरकार के निर्देश पर सभी पंचायतों में “सुशासन शपथ, प्रशासन गांव की ओर” अभियान चलाया गया।
इस अभियान के दौरान यह पाया गया कि कई दिव्यांगजनों के पास दिव्यांगता प्रमाण पत्र नहीं है, जिसके कारण वे सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
इस समस्या को देखते हुए जिला पदाधिकारी द्वारा मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है।
शिविर से जुड़ी मुख्य जानकारी
18 मार्च से प्रखंड परिसर में शिविर का आयोजन
अप्रैल की 18 तारीख को भी शिविर आयोजित किया जाएगा
दिव्यांगजनों का प्रमाणन कर UDID कार्ड जारी किया जाएगा
इसके साथ ही जरूरतमंद दिव्यांगजनों को विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की भी योजना है।
दिव्यांगजनों को मिलेंगे अन्य सहायक उपकरण
प्रशासन ने बताया कि शिविर के माध्यम से दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार कई प्रकार के उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
उपलब्ध कराए जाने वाले उपकरण
- बैट्री चालित ट्राईसाइकिल
- व्हीलचेयर
- श्रवण यंत्र
- वैशाखी
फिलहाल प्रखंड के सभी पंचायतों में दिव्यांगजनों का सर्वे किया जा रहा है ताकि पात्र लाभुकों की सूची तैयार की जा सके।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने किया प्रशासन का समर्थन
जगीराहां पंचायत के मुखिया, चन्द्रबाबु जी ने कहा कि ठकराहां प्रखंड आज भी काफी पिछड़ा क्षेत्र है, जहां कई पात्र लोगों को दस्तावेजों के अभाव में सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता।
उन्होंने प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि पंचायत स्तर पर सभी दिव्यांगजनों का प्रमाण पत्र बनवाने में सहयोग किया जाएगा और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
जिले में 600 से अधिक लाभुकों को मिली स्वीकृति
कार्यपालक सहायक अरविन्द कुमार ने बताया कि सहायक निदेशक, शिवेंद्र कुमार के नेतृत्व में जिले में दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजना के तहत महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
कम समय में ही जिला स्तरीय स्क्रीनिंग समिति द्वारा 600 से अधिक लाभुकों को स्वीकृति प्रदान की गई है। यह पहल दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।