Agra News :जातिवाद मानव-निर्मित सामाजिक असमानता: डॉ प्रमोद कुमार का विश्लेषण

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डॉ प्रमोद कुमार ने अपने विचारात्मक लेख में कहा है कि भारतीय समाज में जातिवाद कोई दैवी या प्राकृतिक व्यवस्था नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सामाजिक प्रक्रियाओं से निर्मित असमानता की प्रणाली है।

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वे वर्तमान में MyGov से जुड़े हैं और डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा में भी अपनी शैक्षणिक भूमिका निभा चुके हैं।
लेख में उन्होंने संत परंपरा से लेकर आधुनिक विचारकों तक के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए बताया कि कबीर, रैदास, गुरु नानक, ज्योतिबा फुले, महात्मा गांधी और डॉ भीमराव अंबेडकर जैसे विचारकों ने जन्म-आधारित भेदभाव का विरोध किया और समानता पर आधारित समाज की वकालत की।

डॉ कुमार के अनुसार आधुनिक विज्ञान, लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक प्रावधान यह स्पष्ट करते हैं कि जाति एक परिवर्तनशील सामाजिक संरचना है, जिसे शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक न्याय नीतियों के माध्यम से बदला जा सकता है।

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