संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया ( पश्चिम चंपारण )
बेतिया । बिहार के इकलौते वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) के मंगुराहा रेंज क्षेत्र में एक बाघिन का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। बुधवार को पंडई नदी के पास, जंगल से करीब 5 किलोमीटर दूर एक करीब 1.5 वर्ष की बाघिन मृत अवस्था में पाई गई।

वन अधिकारियों के अनुसार, इस बाघिन को पिछले चार–पांच दिनों से मानव आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास देखा जा रहा था। ड्रोन सर्विलांस और नियमित पेट्रोलिंग के माध्यम से उसकी निगरानी की जा रही थी। मंगलवार दोपहर उसे आखिरी बार जंगल की ओर जाते देखा गया था, लेकिन बुधवार को वह सिसई गांव के पास फिर दिखाई दी।
VTR के फॉरेस्ट कंजर्वेटर गौरव ओझा ने बताया कि ड्रोन कैमरे से लिए गए क्लोज़-अप विज़ुअल्स में बाघिन में कोई हरकत नहीं दिखी। इसके बाद तुरंत एक पेट्रोलिंग टीम मौके पर भेजी गई, जहां वह मृत पाई गई।
उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और विसरा सैंपल को सुरक्षित रखकर आगे की जांच के लिए देहरादून भेजा जाएगा। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, बाघिन की मौत बीमारी या कमजोरी के कारण हो सकती है।
अधिकारियों के अनुसार, यह वह उम्र होती है जब बाघ अपनी मां से अलग होकर अपना क्षेत्र बनाता है। आशंका है कि शिकार न कर पाने और लंबे समय तक भूखे रहने के कारण बाघिन कमजोर हो गई होगी। हालांकि, मौत के सही कारण का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
गौरतलब है कि पिछले दो वर्षों में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है, जो वन विभाग के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में VTR में 54 बाघ दर्ज किए गए थे, और वन विभाग के अनुमान के अनुसार आगामी गणना में यह संख्या बढ़कर करीब 70 तक पहुंच सकती है।