संवाददाता: राजेन्द्र कुमार
राजापाकर , वैशाली (बिहार) । 29 मार्च 2026
वैशाली Bihar News Today: रविवार को बिहार के वैशाली जिले के राजापाकर प्रखंड में एक होनहार छात्र आदित्य कुमार ने मैट्रिक परीक्षा 2026 में 470 अंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया। इस उपलब्धि से गांव और आसपास के इलाकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

प्रखंड में खुशी का माहौल
आदित्य कुमार की इस शानदार सफलता के बाद राजापाकर प्रखंड में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया और आदित्य को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
परिवार की पृष्ठभूमि और संघर्ष
आदित्य कुमार, पिता शंभू चौधरी और माता आशा देवी के पुत्र हैं। उनका परिवार साधारण जीवन जीता है। दादी मुन्नी देवी आंगनवाड़ी सेविका के रूप में कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा शिक्षा को प्राथमिकता दी।
माता-पिता का योगदान
आदित्य के पिता ने बताया कि वे स्वयं अधिक पढ़े-लिखे नहीं हैं, लेकिन उन्होंने अपने बेटे को पढ़ाई के लिए हर संभव सुविधा दी। माता आशा देवी भी परचून की दुकान चलाकर घर का सहयोग करती हैं और बेटे की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देती हैं।
बचपन से ही मेधावी छात्र
परिजनों के अनुसार आदित्य बचपन से ही पढ़ाई में तेज रहा है। स्कूल के शिक्षकों ने भी उसकी मेहनत और लगन की सराहना की है। उसे स्टेट टॉपर बनने की उम्मीद थी, हालांकि वह लक्ष्य थोड़ा पीछे रह गया, लेकिन 470 अंक लाकर उसने प्रखंड स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
शिक्षा का सफर और मार्गदर्शन
आदित्य ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा किड्स केयर स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उसने हाई स्कूल राजापाकर में नामांकन लिया। पढ़ाई के साथ-साथ उसने कोचिंग शिक्षक हरेश ठाकुर से भी मार्गदर्शन प्राप्त किया, जिससे उसकी तैयारी और मजबूत हुई।
मेहनत और अनुशासन बना सफलता की कुंजी
आदित्य की सफलता के पीछे उसकी नियमित पढ़ाई, समय प्रबंधन और अनुशासन का बड़ा योगदान है। वह रोजाना कई घंटों तक पढ़ाई करता था और अपने लक्ष्य पर पूरी तरह केंद्रित रहा।
भविष्य का लक्ष्य – इंजीनियर बनने का सपना
आदित्य ने बताया कि वह आगे साइंस स्ट्रीम से 12वीं की पढ़ाई करेगा और इसके बाद IIT की तैयारी कर इंजीनियर बनना चाहता है। उसका सपना है कि वह अपने परिवार और समाज का नाम और ऊंचा करे।
परिवार और गांव में जश्न
इस सफलता के बाद रविवार को आदित्य के घर पर खुशी का माहौल रहा। माता-पिता ने मिठाई खिलाकर उसे आशीर्वाद दिया और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। गांव के लोगों ने भी घर पहुंचकर बधाई दी।
समाज के लिए प्रेरणा
आदित्य की यह सफलता उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत कर आगे बढ़ना चाहते हैं। यह साबित करता है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।