मनोज कुमार राजौरिया
लखनऊ: कोरोना संक्रमण की महामारी के बीच पुरे देश में लॉकडाउन का तीसरा चरण 17 मई तक लागू है. जो की शायद नए रंग रूप में आगे भी बढ़ाया जा सकता है, जिसको खुद प्रधानमंत्री ने देश के नाम सम्बोधन में पिछले दिनों बताया था. कोरोना संक्रमण की वजह से देश में सभी लोगो की आर्थिक स्तिथि ख़राब हो चली है, चाहे कोई उधोग हो, व्यापार हो, आम इंसान हो, किसान हो, या फिर मजदुर हो. इनके आर्थिक हालातो को देखते हुए तीन महीनो तक देश भर के सभी बैंको को केंद्र द्वारा निर्देश दिया गया था की वह किसी भी प्रकार के लोन के क़िस्त की वसूली किसी से भी नहीं करेंगे.
लेकिन बावजूद इसके उ० प्र० सहकारी ग्राम विकास बैंक के एक बेलगाम कार्यवाहक प्रबंध निदेशक अशोक कुमार सिंह, अपने उच्च अधिकारियो से प्रशंसा पाने के लिए सरकार द्वारा लागू दिशा निर्देशों के विपरीत खुद को सर्वोपरि समझ कर आज प्रदेश भर के अपने 323 कार्यालयों में 100 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्तिथि अनिवार्य करते हुए राज्य के किसानो से लोन की वसूली करने के लिए आदेश जारी किया है. जबकि प्रदेश सरकार के रोस्टर अनुसार समूह (क) एवं समूह (ख) की उपस्तिथि शत प्रतिसत के साथ समूह (ग) के 33 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ कार्यालय खोलने का आदेश है. लेकिन उसके बाद भी किसानो से किसी भी प्रकार के लोन की वसूली नहीं की जाएगी.
आपको बता दे की उ० प्र० सहकारी ग्राम विकास बैंक राज्य के किसानो को खेती के लिए लघु लोन उपलब्ध कराती है. पुरे प्रदेश में कोरोना संक्रमण का प्रकोप जारी है, जिस वजह से कयास लगाए जा रहे है की लॉकडाउन का चौथा चरण भी लागु हो सकता है. यदि इनके आदेश से किसी भी कर्मचारियों में कोरोना का संक्रमण फैलता है तो इसके लिए कोई भी सावधानी का मास्टर प्लान प्रबंध निदेशक के पास नहीं है.
★ शत प्रतिसत उपस्थिति रहेगी तो सामाजिक दुरी बनाये रखने का पालन कैसे होगा?
बीते कुछ महीने पहले उ० प्र० सहकारी ग्राम विकास बैंक के पूर्व कार्यवाहक प्रबंध निदेशक आंद्रा वामसी द्वारा ट्रांसफर नीति के बिलकुल विपरीत मनमाने ढंग से इस विभाग के लगभग 1500 कर्मचारियों का ट्रांसफर किया गया था, उनके बच्चो के स्कूल टर्म के बीच ट्रांसफर होने के कारण कोई भी कर्मचारी अपने वर्त्तमान नवीन तैनाती स्थल पर परिवार को साथ नहीं रख सका. लेकिन उसके बाद भी ट्रांसफर से प्रभावित हुए सभी 1500 कर्मचारी परिवार से अलग रहकर बैंक का कार्य करते रहे. इसी बीच देश भर में कोरोना संक्रमण की महामारी ने अपने पाव फैला लिए जिसके चलते पुरे देश में अभी तक लॉकडाउन जारी है. लॉकडाउन लागू होते ही सभी लोग अपने पूर्व जनपद परिवार के साथ रहने लगे, लेकिन रोस्टर लागू होने पर कर्मचारियों द्वारा बैंक का काम सुचारु रूप से बिना वेतन लिए लगातार किया जा रहा था. इसी दौरान बैंक के शत प्रतिसत कर्मचारियों के साथ बैंक को खोलकर कर्मचारियों और प्रदेश के किसानो से लोन वसूली के नाम पर शोषण करने का आदेश जारी कर प्रदेश की योगी सरकार की नीतियों को उजागर करना है या छवि को धूमिल करना है.