संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण।
पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज स्थित टीपी वर्मा कॉलेज में महिला कर्मियों से जुड़े विवाद ने तूल पकड़ लिया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति के नेतृत्व में जिला पदाधिकारी (डीएम) से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा पीड़ित महिला कर्मियों को न्याय दिलाने की मांग की।

भाकपा जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति ने बताया कि कॉलेज की तीन महिला कर्मियों ने प्रधान लिपिक पर दुर्व्यवहार, उत्पीड़न तथा वेतन भुगतान में भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि एक ही आदेश एवं नियुक्ति पत्र के आधार पर नियुक्त कुछ कर्मचारियों को नियमित वेतन दिया जा रहा है, जबकि कुछ महिला कर्मियों का वेतन वर्षों से लंबित है। उन्होंने इसे प्रशासनिक भेदभाव बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नियमों के अनुसार निलंबित कर्मचारियों को भी नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता अथवा निर्धारित वेतन का भुगतान किया जाता है, लेकिन कॉलेज में महिला कर्मियों का वेतन लंबे समय से रोके जाने के कारण उन्हें आर्थिक एवं मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। भाकपा का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन और प्राचार्य इस मामले में प्रधान लिपिक का संरक्षण कर रहे हैं, जिससे संस्थान की छवि प्रभावित हो रही है।
ओम प्रकाश क्रांति ने बताया कि पीड़ित महिलाएं जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार न्याय की गुहार लगा चुकी हैं। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर महिला हेल्पलाइन द्वारा मामले की जांच भी कराई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
भाकपा ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधान लिपिक की कार्यशैली के कारण कॉलेज में वर्षों से संचालित बीबीए एवं बीसीए पाठ्यक्रमों के संचालन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जिससे विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
प्रतिनिधिमंडल की मांग पर जिला पदाधिकारी ने मामले की जिला स्तरीय जांच कराने तथा महिला हेल्पलाइन की जांच रिपोर्ट मंगाकर उसका परीक्षण कराने का आश्वासन दिया।
ओम प्रकाश क्रांति ने कहा कि यदि प्रशासन निष्पक्ष जांच कर पीड़ित महिला कर्मियों को न्याय नहीं दिलाता है, तो नरकटियागंज में जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि टीपी वर्मा कॉलेज से उनका भावनात्मक जुड़ाव है, क्योंकि उन्होंने वर्ष 1979-81 बैच में इसी संस्थान से इंटरमीडिएट की शिक्षा प्राप्त की थी। उन्होंने शिक्षा संस्थान की गरिमा बनाए रखने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति के अलावा संजय सिंह, आरती एवं तारीक भी शामिल रहे।