संवाददाता: मनोज कुमार
इटावा/जसवंतनगर: महिला कल्याण विभाग द्वारा शहर और कस्बों के प्रमुख स्थानों पर लगाये जा रहे फ्लैक्स बोर्ड इस संदेश को प्रसारित कर रहें हैं। इन फ्लैक्स बोर्डों पर स्पष्ट लिखा है कि कोविड पॉजिटिव होने के कारण आप अस्पताल में हैं और आपके बच्चें घर पर हैं तो घबराने की कोई बात नहीं है सरकार आपके साथ खड़ी है और आपके अस्पताल होने पर भी आपके बच्चों की देखरेख करेगी।
जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रशांत कुमार सिंह द्वारा आम जनमानस से अपील की गई की यदि किसी को ऐसी जानकारी मिलती है कि कोविड के दौरान कोई ऐसा बच्चा। जिसने अपने माता-पिता को खो दिया हो या फिर कोविड के कारण कोई परिवार अपने बच्चों की देखभाल करने में असमर्थ हो तो चाइल्ड लाइन 1098 या महिला हेल्पलाइन 181 पर संपर्क किया जा सकता है। सरकार द्वारा उन्हें भोजन दवाई चिकित्सा एवं हरसंभव भावनात्मक सहयोग एवं दैनिक अरुरतो को पूरा करने में मदद की जाएगी।
यह भी स्पष्ट है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से किशोर न्याय अधिनियम 2015 में दी गई प्रक्रियाओं को पूरा किए गोद देने की पेशकश करना कानूनन अपराध है। इसके लिए तीन वर्ष की सजा या एक लाख का जुर्माना अथवा दिनों ही किये जा सकते हैं। इसीलिए कानूनी रूप से किसी बच्चे को गोद लेने के लिए कारा बेवसाइट www.cara.nic.in पर ही सम्पर्क करें।