भूपेंद्र सिंह संभल : एक तरफ सरकार सबका विकास सबका साथ का नारा देती है दूसरी तरफ एक दलित मजदूर को भट्टा स्वामी के इशारे पर ठेकेदार मारते मारते जान ले लेता है और एक मेडिकल संचालक से मरणासन्न अवस्था में बोतल लगवा देता है और मजदूर की मौत हो जाती है इसके बाद मृतक का बेटा तथा भाई थाना नखाशा पहुंचते हैं तो मृतक के बेटे का आरोप है की मैंने तहरीर में जो जो नाम बताए थे उनमें से सिर्फ एक ही नाम है पीड़ित का आरोप है की वह अनपढ़ है और उसके अनपढ़ होने का फायदा भट्टे स्वामी ने उठा लिया और अपने हाथ से तहरीर अपनी मर्जी से लिख दी पीड़ित ने जब तहरीर अपने वकील को दिखाई, तो वह सन्न रह गया और वह भट्टे स्वामी के पास पहुंचा पीड़ित का आरोप है की भट्टा स्वामी ने पीड़ित को धमकाया की साले तू उक्त ठेकेदार से फैसला कर ले नहीं तो तुझे भट्टे में जॉब दूंगा और पीड़ित से जाति सूचक शब्द से भी प्रताड़ित किया पीड़ित का कहना है की उक्त भट्टा मालिक बहुत ही दबंग किस्म का व्यक्ति है और उक्त भट्टा मालिक तथा ठेकेदार पर पीड़ित के पैसे भी हैं

पीड़ित का कहना है की अगर मुझे इंसाफ नहीं मिला तो मैं पूरे परिवार सहित आत्महत्या कर लूंगा उक्त भट्टा मालिक एलानिया कहता है की तुम लोग हमारा और ठेकेदार का कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा हम जो चाहेंगे वही होगा और बात भी सही है जनाब क्योंकि घटना को लगभग 2 सप्ताह से भी ज्यादा बीत गए फिर भी आरोपी पुलिस गिरफ्त से दूर है पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने सिरसी चौकी पहुंचकर चौकी इंचार्ज से बातचीत की तो उन्होंने भी डरा धमका कर चौकी से भगा दिया अब देखना यह होगा कि सबका साथ सबका विकास का नारा देने वाली सरकार में दलित को न्याय मिलेगा भी या नहीं या फिर ऐसे ही गरीबों के प्रति अमीरों की मनमानी चलती रहेगी अगर पीड़ितों को न्याय नहीं मिला तो जनाब गरीबों का कानून से भरोसा ही उठ जाएगा अब देखना होगा की इस मामले में पुलिस क्या कार्यवाही करती है या फिर पीड़ित न्याय के लिए इसी तरह भटकता रहेगा मृतक भूमिहीन था तथा मृतक के तीन बेटे तथा एक बेटी अविवाहित है और मृतक के पास अपने रहने के लिए छत भी नहीं है अब देखना यह होगा जनाब की मृतक के परिवार को शासन प्रशासन की तरफ से कोई आर्थिक मदद और पीड़ित को न्याय भी मिलेगा या नहीं।