संसदीय सचिवालय अब नए नाम सेवा तीर्थ, मनरेगा भी अब नए कलेबर वी बी रामजी नाम से पहचानी जाएगी। किंतु कुछ कम हो रहा है राम राज्य का अहसास इसके लिए महापरिवर्तन आवश्यक है।
भाजपा आज लगभग पूरे देश पर शासन कर रही है फिर चाहे वह सूबों की सत्ता हो केंद्रीय सत्ता। यह बात गैर है कि लोग दबे मुंह सोना, चांदी की कीमतों, डॉलर के मुकाबले रुपए की गिरती साख, सरकारी विभागों का निजीकरण तथा जी डी पी के रसातल में जाने की बात तो करते हैं।
कुछेक बहस करते हैं फिर बात पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर आकर जब अटकती है तो सत्ता समर्थक, चैनल प्रवक्ता यह कहकर विपक्षियों के मुंह पर जोरदार तमाचा जड़ देते हैं कि इसके लिए नेहरू तथा कांग्रेस जिम्मेदार है। क्योंकि उनका कहना है कि कांग्रेस ने जो इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है हम तो उसकी देखभाल कर रहे हैं। अगर कुछ गलत लग रहा है तो उसके पीछे कांग्रेस की गलत नीतियां हैं।
किंतु सच्चाई यह है कि वर्तमान सरकार कांग्रेस द्वारा तैयार किया गया सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह ध्वस्त कर देना चाहती है। क्योंकि यह रामराज्य स्थापित करने में बड़ा व्यवधान है। अतः नरेंद्र दामोदर दास मोदी के नेतृत्व में उसे ध्वस्त किया जाना या उसका नाम परिवर्तन करने की मुहिम लगातार जारी है। आओ उस महापरिवर्तन पर दृष्टिपात करें।
निर्मल भारत का नाम बदल कर 2014 में स्वच्छ भारत मिशन, इंदिरा आवास योजना का 2016 में नाम बदल कर प्रधानमंत्री आवास योजना, जवाहर लाल नेहरू नेशनल अर्बन रिनिवल मिशन (JNNURM) का 2015 में नाम बदलकर अटल मिशन फॉर रिजेबनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (AMRUT), राष्ट्रीय कृषि विकास योजना का 2015 में नाम बदलकर प्रधानमंत्री कृषि विकास योजना, नेशनल ई गवर्नेंस का प्लान का नाम बदलकर डिजिटल इंडिया इनीशिएटिव, नेशनल ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क का नाम बदल कर 2015 में भारत नेट, स्वावलंबन योजना का नाम बदल कर 2015 में अटल पेंशन योजना, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर फॉर एल पी जी को 2014 में बदलकर PAHAL पहल, यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम का 2015 में नाम परिवर्तित कर मिशन इन्द्रधनुष, जन औषधि स्कीम का नाम बदलकर 2015 -2016 प्रधानमंत्री जन औषधि योजना PMJAY फिर PMBJP कर दिया गया। महात्मा गाँधी नेशनल रूरल एंप्लॉयमेंट गारंटी एक्ट मनरेगा अब नए कलेबर में होगी जिसे VB G RAM G डेवलपड भारत रोजगारएंड आजीविका मिशन (ग्राम), नेशनल फूड सिक्योरिटी स्कीम कोविड -19 के बाद प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) नाम से सरकार ने नाम परिवर्तित करने की मिसाल पेश की।
आपकी रामराज्य यात्रा यहीं नहीं थमी, 2020 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय को शिक्षा मंत्रालय, 2015 में योजना आयोग को नीति आयोग, 2019 में ग्रामीण विकास पेयजल एवं स्वछता मंत्रालय को जल शक्ति मंत्रालय, 2017 में शहरी विकास मंत्रालय को आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, 2014 में पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, विदेशों में भारतीय मामलों के मंत्रालय का विदेश मंत्रालय में विलय कर दिया गया।
2021 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को मिशन शक्ति नाम दिया गया। सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय को MSME सूक्ष्म नाम दिया गया। 2019 में सांख्यिकीय एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय को MOSPI संरचनात्मक सुधार बताकर परिवर्तित किया गया। 2019 में रेल मंत्रालय को रेलवे बोर्ड का पुनर्गठन नाम दिया गया। 2014 में आयुष विभाग को आयुष मंत्रालय (स्वतंत्र मंत्रालय का दर्जा) प्रदान किया गया।
2014 में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के नाम से नया मंत्रालय गठित किया गया। 2019 में जल संसाधन मंत्रालय को जल शक्ति मंत्रालय नया नाम दिया गया। 2015 में कृषि मंत्रालय को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के रूप में नाम परिवर्तित कर दिया गया। वहीं सड़क परिवहन मंत्रालय का नाम बदल कर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय कर दिया गया। इसके बावजूद भी वर्तमान सरकार के द्वारा परिवर्तित नामों की एक लंबी फेहरिस्त है किंतु रामराज्य का अहसास आज भी आम जनता को कराने में नाकाम रही।
मेरा सुझाव है कि वर्तमान सरकार एक छोटा सा परिवर्तन और कर दे तो आम जनता को रामराज का पूरी तरह अहसास होने लगेगा और कांग्रेसी परम्परा और उसके द्वारा आपके हिसाब से बनाया गया इंफ्रास्ट्रक्चर भी पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगा। जब आपने सेवा तीर्थ और वी बी राम जी जैसे शब्दों का आविष्कार कर ही लिया है। तो लगे हाथ सत्ता पक्ष को राम दल और प्रधानमंत्री का नाम रामजी और बीजेपी शासित सूबे के मुख्यमंत्रीयो के नाम लक्ष्मण जी , भरत जी, शत्रुघ्न जी, दशरथ जी, हनुमान जी महिला प्रमुखों के नाम मां सीताजी, माता कौशल्या जी आदि आदि रखकर विपक्ष का नाम रावण दल और विपक्षी दलों के सर्वराओं के नाम रावण, कुंभकर्ण, मेघनाथ, विभीषण, अक्षय कुमार, प्रहस्त, अतिकाय, अहिरावण साथ ही महिला विपक्षियों के नाम मंदोदरी, मंथरा, कैकेई, तथा सुपर्णखा रख दो। इससे एक साथ दो काम होंगे के नेहरू और कांग्रेस को आपको रोज रोज नहीं कोसना पड़ेगा और भारतीय जनमानस को रामराज की फीलिंग होने लगेगी। हां अगर हो सके तो रुपया और बेरोजगारी का भी कुछ रावण पक्ष से किया नामकरण आपके हिसाब से यथोचित होगा।