राजापाकर स्कूल में परीक्षा के दिन छात्रों और शिक्षकों के बीच विवाद
राजापाकर / वैशाली | संवाददाता: राजेन्द्र कुमार
वैशाली जिले के राजापाकर स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बिहार बोर्ड की कक्षा 9वीं और 11वीं की परीक्षा के पहले ही दिन 75 प्रतिशत उपस्थिति को लेकर छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। बताया जा रहा है कि विद्यालय प्रशासन ने लगभग 300 छात्र-छात्राओं को कम उपस्थिति का हवाला देकर परीक्षा देने से रोक दिया। इस दौरान परीक्षा शुरू होने से पहले स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
छात्रों ने लगाया 250 रुपये वसूली का आरोप
छात्रों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक विजय कुमार ने कहा कि जिन छात्रों की उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम है, वे पास की “नेहा टेलीकॉम” नामक दुकान से 250 रुपये का शपथ पत्र बनवाकर लाएं। इसके बाद ही उन्हें परीक्षा हॉल में प्रवेश दिया जाएगा। छात्रों के अनुसार जिनके पास पैसे थे वे तुरंत दुकान पहुंच गए और वहां से दुकानदार की मुहर लगी एक रसीद लेकर आए। हालांकि उस रसीद पर छात्र का विवरण तो था, लेकिन राशि का उल्लेख नहीं किया गया था।
अभिभावकों में भी आक्रोश
जिन छात्रों के पास पैसे नहीं थे उन्होंने घर जाकर अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद कई अभिभावक स्कूल पहुंचे और इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई। अभिभावकों का कहना है कि अगर छात्रों की उपस्थिति कम थी तो स्कूल प्रशासन को पहले ही इसकी सूचना देनी चाहिए थी। उनका आरोप है कि शिक्षा विभाग के नियमों की आड़ में छात्रों से पैसे वसूले जा रहे हैं।
प्रधानाध्यापक ने क्या कहा
इस मामले में प्रधानाध्यापक विजय कुमार से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से शपथ पत्र लेने का कोई आदेश नहीं है। उन्होंने बताया कि छात्रों की उपस्थिति 75 प्रतिशत सुनिश्चित करने के लिए शपथ पत्र लिया गया है ताकि भविष्य में छात्र नियमित रूप से विद्यालय आएं। उन्होंने कहा कि अगर इसके बाद भी छात्र विद्यालय नहीं आते हैं तो उन्हें फॉर्म भरने से रोका जा सकता है या उनका नाम काटा जा सकता है। हालांकि कई छात्रों के हाथों में नेहा टेलीकॉम दुकान की 250 रुपये की रसीद देखी गई, जिसके आधार पर उन्हें विद्यालय से एडमिट कार्ड दिया गया। इस पूरे मामले को लेकर छात्रों और अभिभावकों में काफी आक्रोश देखा गया।