संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
स्थान : राजापाकर, जिला वैशाली (बिहार)
दिनांक : 17 मार्च 2026
राजापाकर स्कूल एडमिट कार्ड भीड़ के बीच छात्रों से शपथ पत्र के नाम पर पैसे वसूले जाने का मामला सामने आया है। परीक्षा से पहले छात्रों को एडमिट कार्ड और शपथ पत्र के लिए भटकना पड़ा, जिससे अभिभावकों में नाराजगी है।

राजापाकर स्कूल एडमिट कार्ड भीड़ का मामला वैशाली जिले के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजापाकर में देखने को मिला, जहां एडमिट कार्ड लेने के लिए छात्रों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
प्रधानाध्यापक द्वारा पहले ही समाचार पत्रों में पर्ची लेकर एडमिट कार्ड देने की सूचना प्रकाशित कराई गई थी, इसके बावजूद दूसरे दिन भी छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।

मंगलवार को परीक्षा के दूसरे दिन भी विद्यालय के पास स्थित नेहा टेलकम दुकान पर छात्रों की लंबी कतार देखी गई, जहां से वे पर्ची और शपथ पत्र लेकर परीक्षा में शामिल होते नजर आए।
शपथ पत्र के नाम पर वसूली का आरोप
मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले छात्रों से शपथ पत्र के नाम पर पैसे वसूले जा रहे हैं।
छात्रों के अनुसार: – कम उपस्थिति वाले छात्रों को पहले परीक्षा कक्ष में बैठने से रोका गया
- बाद में शपथ पत्र लाने की शर्त रखी गई
- छात्र बाहर जाकर दुकान से शपथ पत्र खरीदने को मजबूर हुए
- कई छात्रों के पास 250 रुपये की रसीद देखी गई
इससे स्पष्ट होता है कि छात्रों पर आर्थिक दबाव डालकर परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जा रही थी।
शपथ पत्र की वैधता पर सवाल
इस पूरे मामले में एक नया विवाद तब सामने आया जब दुकानदार द्वारा दिए गए शपथ पत्र की जांच की गई।
- शपथ पत्र नोटरी पब्लिक के प्रारूप में था
- उस पर न हस्ताक्षर थे
- न ही अंगूठे का निशान दर्ज था
ऐसे में बिना वैध हस्ताक्षर और पहचान के जारी किए जा रहे शपथ पत्र की वैधता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अभिभावकों में नाराजगी
इस घटना के बाद अभिभावकों में काफी नाराजगी देखी गई। कई अभिभावकों ने आरोप लगाया कि:
- परीक्षा की मजबूरी का फायदा उठाया गया
- छात्रों से अवैध वसूली की गई
- विद्यालय प्रबंधन ने पारदर्शिता नहीं दिखाई
प्रशासन ने लिया संज्ञान
- मामले के तूल पकड़ने के बाद वैशाली जिला शिक्षा पदाधिकारी रविन्द्र कुमार ने इसे गंभीरता से लिया है।
- विद्यालय के प्रधानाध्यापक से 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा ।
- स्पष्टीकरण मिलने तक वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया
पूरे मामले की जांच के आदेश दिए
उन्होंने कहा कि शिकायतों के आधार पर जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य बिंदु
- एडमिट कार्ड लेने के लिए छात्रों की भारी भीड़
- शपथ पत्र के नाम पर पैसे वसूले जाने का आरोप
- 250 रुपये तक की रसीद सामने आई
- बिना हस्ताक्षर के शपथ पत्र पर सवाल
- शिक्षा विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण
मामले का महत्व
यह मामला शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह छात्रों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।