संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
वैशाली। प्रखंड कार्यालय राजापाकर के परिसर में संयुक्त खेत मजदूर संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में दर्जनों महिला एवं पुरुष खेतिहर मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान मांगों से संबंधित एक ज्ञापन अंचलाधिकारी गौरव कुमार को सौंपा गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीपीआई नेता मोहित पासवान ने कहा कि गरीब एवं किसान वर्ग अनेक समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने कहा कि दर्जनों बेघर लोगों को रैयत भूमि से भगाने की कोशिश की जा रही है, जबकि सरकार उन्हें रहने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करा रही है।

वहीं किसान नेता सुमन कुमार ने कहा कि कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग द्वारा किसान रजिस्ट्री कोड के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं, लेकिन राज्य ही नहीं बल्कि देश के लगभग 90 प्रतिशत लोगों के नाम से अपनी भूमि दर्ज नहीं है। ऐसे में उनका फार्मर रजिस्ट्री आईडी नहीं बन पा रहा है, जिससे किसान परेशान हैं।
आईडी नंबर नहीं बनने की स्थिति में किसान सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं लाभों से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने इस नियम में बदलाव की मांग बिहार सरकार एवं केंद्र सरकार से की।
अंचलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में मांग की गई कि वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना गरीबों को उजाड़ना बंद किया जाए। सभी गरीब परिवारों को पांच-पांच डिसमिल भूमि उपलब्ध कराई जाए। खाद्य पदार्थों की कालाबाजारी पर रोक लगाई जाए।
बंद पड़े नलकूपों को चालू किया जाए। राजस्व कर्मियों की अनुशंसा पर किसान पंजीकरण किया जाए। धान अधिप्राप्ति में तेजी लाई जाए। गरीबों के टोलों में सामूहिक एवं निजी शौचालयों का निर्माण किया जाए।
इसके अलावा आवासीय प्रमाण पत्र बनाने में आधार कार्ड एवं वोटर कार्ड को मान्य किया जाए तथा मालगुजारी रसीद को अनिवार्य आधार न बनाया जाए। रामपुर रत्नाकर पंचायत स्थित सरसई सरोवर, रानी पोखर एवं बैजनाथपुर क्षेत्र में बिना पुनर्वास की व्यवस्था किए गरीबों के घरों को उजाड़ना बंद किया जाए।
धरना-प्रदर्शन में शामिल महिला एवं पुरुषों में सुमन कुमार, प्रेमलाल माझी, दीनबंधु प्रसाद, रेखा देवी, राजेंद्र सिंह, बिंदेश्वर राय, विजय पासवान, सुमन कुमार यादव, शंकर सिंह, मोहित पासवान, मुकेश पटेल, प्रेम माझी, अजय राय, सिताब लाल राय, सुरेश राय, महताब राय सहित दर्जनों लोग शामिल रहे।