संवाददाता विजय कुमार
प्रयागराज। जनपद के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शुक्रवार सुबह विकास भवन का औचक निरीक्षण कर विभिन्न विभागीय कार्यालयों की कार्यप्रणाली, उपस्थिति और सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
निरीक्षण के समय जिलाधिकारी ने कार्यालयों में मूलभूत सुविधाओं, साफ-सफाई, फाइलों के रख-रखाव और जनसुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी कार्यालयों में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखी जाएं और आने वाले लोगों की समस्याओं का मानवीय दृष्टिकोण के साथ नियमानुसार त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

उपस्थिति पंजिका के निरीक्षण में कई विभागों के कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि अनुपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोका जाए तथा उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाए। साथ ही आकस्मिक अवकाश के स्वीकृति पत्र उपस्थिति पंजिका में संलग्न रखने के निर्देश भी दिए गए।

निरीक्षण में जिला पंचायतराज, कृषि रक्षा, सहकारिता, ग्रामीण अभियंत्रण, लघु सिंचाई, कौशल विकास, समाज कल्याण सहित विभिन्न विभागों के कुल 38 कर्मचारी अनुपस्थित तथा 24 कर्मचारी आकस्मिक अवकाश पर पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए समय से कार्यालय उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा।

जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के निरीक्षण में आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए लंबित निर्माण शीघ्र पूरा कराने, भूमि विवाद वाले मामलों में एसडीएम से चिन्हांकन कराकर कार्य आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सीएम डैशबोर्ड पर सी और डी श्रेणी में चल रहे कार्यों को ए और बी श्रेणी में लाने पर विशेष जोर दिया गया।

ऊर्जा एवं कल्याण योजनाओं की समीक्षा में पीएम सूर्य घर योजना, छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति, वृद्धा और विधवा पेंशन से जुड़े लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। गौशालाओं के संचालन और निराश्रित गौवंश संरक्षण की व्यवस्था को भी मजबूत करने को कहा गया।
निरीक्षण के बाद विकास भवन में फार्मर रजिस्ट्री कार्य की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने प्रतिदिन 11 हजार किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस कार्य में लेखपाल, पंचायत सहायक, सचिव और अन्य कर्मियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे और लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।