संवाददाता: रिषीपाल सिंह
इटावा : ग्राम मूँज में महान समाज सुधारक ज्योतिराव फुले की जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रदेश सचिव बलवीर सिंह जाटव ‘बब्लू’ के आवास पर आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों, युवाओं और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा ज्योतिराव फुले के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने उनके विचारों को अपनाने और समाज में समानता व जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
अपने संबोधन में बलवीर सिंह जाटव ‘बब्लू’ ने कहा कि ज्योतिराव फुले ने जातिवाद और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ ऐतिहासिक संघर्ष किया। उन्होंने बताया कि फुले ने सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर वर्ष 1848 में बालिका शिक्षा की नींव रखी और दलित, पिछड़े एवं वंचित वर्गों को शिक्षा से जोड़ने का कार्य किया। वर्ष 1873 में सत्यशोधक समाज की स्थापना कर उन्होंने समाज में समानता और न्याय का संदेश दिया।
वक्ताओं ने उस्मान शेख और फातिमा शेख के योगदान को भी याद किया, जिन्होंने शिक्षा आंदोलन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक समरसता और जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया।
इस अवसर पर जिला संयोजक हरिश्चंद्र गौतम, धर्मवीर दिवाकर, शिवम कठेरिया, चट्टान सिंह जाटव, सुधीर गौतम सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। साथ ही परशुराम शाक्य, सुभाष चंद्र शाक्य, नंदकिशोर शाक्य, अवधेश शाक्य, मलखान सिंह कठेरिया, लाल सिंह कठेरिया, नीरज कठेरिया, प्रताप सिंह दिवाकर, लखान सिंह कठेरिया, सर्वेश जाटव, आनंद बाबू जाटव और महेश जाटव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
कार्यक्रम में महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही, जिनमें दीपशिखा जाटव, ममता देवी जाटव, सरोज दिवाकर, मुन्नी देवी जाटव, करिश्मा दिवाकर और विनीता जाटव प्रमुख रहीं।
कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने महात्मा ज्योतिराव फुले के बताए मार्ग पर चलने और समाज में शिक्षा, समानता तथा अधिकारों के लिए कार्य करने का संकल्प लिया।