Bihar News | मनरेगा का नाम बदलकर VB-G RAM G नया कानून लागू — डॉ. संजय जायसवाल
संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया / पश्चिमी चंपारण
ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन के उद्देश्य से शुरू की गई मनरेगा (MGNREGA) योजना समय के साथ अपने मूल लक्ष्य से भटक गई थी और कई स्थानों पर यह भ्रष्टाचार का जरिया बनकर रह गई थी।

इस योजना को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने गहन समीक्षा के बाद एक नया कानून लागू किया है, जो ग्रामीण रोजगार को नई दिशा देगा।
उक्त बातें पश्चिम चंपारण के सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने बताया कि सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी — VB-G RAM G कर दिया है।
डॉ. जायसवाल ने कहा कि ग्रामीण रोजगार कार्यक्रमों ने भारत की सामाजिक-आर्थिक संरचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ये योजनाएं न केवल कमजोर और गरीब परिवारों को आय सुरक्षा प्रदान करती हैं, बल्कि परिसंपत्ति निर्माण, ग्राम विकास और सामाजिक स्थिरता का भी मजबूत आधार बनती हैं।
उन्होंने बताया कि देश की बड़ी आबादी आज भी कृषि और उससे जुड़े कार्यों पर निर्भर है, जिसके कारण मौसमी बेरोजगारी और आय में उतार-चढ़ाव एक बड़ी चुनौती बनी रहती है। वर्ष 2006 में लागू महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का उद्देश्य इन्हीं समस्याओं का समाधान करते हुए मजदूरी रोजगार की कानूनी गारंटी देना था।
हालांकि, शुरुआती वर्षों में योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आए और लाखों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिली, लेकिन कमजोर प्रशासनिक व्यवस्था, भ्रष्टाचार और विकास-उन्मुख दृष्टिकोण की कमी के कारण इसका दीर्घकालिक प्रभाव अपेक्षित नहीं रहा।
डॉ. जायसवाल ने कहा कि केवल छोटे सुधारों के बजाय संरचनात्मक बदलाव की आवश्यकता को समझते हुए एनडीए सरकार ने विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025 — VB-G RAM G Act 2025 को पेश कर इसे कानून का रूप दिया है।
यह नया अधिनियम मनरेगा का स्थान लेता है और ग्रामीण रोजगार को सतत विकास से जोड़ते हुए विकसित भारत के लक्ष्य की ओर एक मजबूत कदम साबित होगा। डॉ. संजय जायसवाल ने इस कानून को अत्यंत महत्वपूर्ण, दूरदर्शी और ग्रामीण हितों के लिए लाभकारी बताया।