संवाददाता गुलाब चंद्र गौतम । जनपद प्रतापगढ़ में आज दिनांक 06जुलाई 2020 को बहुजन मुक्ति पार्टी द्वारा प्रदेश स्तरीय एक साथ 75 जिलों में ज्ञापन दिया गया। महामहिम राष्ट्रपति महोदय राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली को जिला अधिकारी महोदय प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश को कानून व्यवस्था का गिरना एवं गुंडाराज सरकार स्थापित होने के संदर्भ मे ज्ञापन दिया गया।

प्रतापगढ़ महोदय उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार आने के बाद लगातार हत्या ,बलात्कार, आगजनी जैसी घटनाओं का सिलसिला चरम सीमा पर है इसलिए हम राज्य सरकार की नीतियों एवं गुंडाराज का निम्नलिखित आधार पर विरोध करते हैं –

1-अभी कानपुर देहात में विकास दुबे गैंग के साथ मुठभेड़ में सीओ एवं एसओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए एवं 7 घायल हो गए, सरकार ने शहीद परिवारों के लिए मदद में घोषणा तो की है मगर इसके साथ कई सवाल खड़े हो रहे हैं कि –
(क)- क्या पुलिसकर्मियों को बिना योजना, बिना तैयारी किए ही मुठभेड़ में शहीद होने के लिए भेज दिया जाता है ?
(ख)- पुलिस जनता की रक्षक होती है , जो राज्य में खुद सुरक्षित नहीं हैं, वह जनता को कैसे सुरक्षित करेंगे?
(ग)- देश के बॉर्डर पर सरकार की नीतियों से फौजी शहीद हो रहे हैं और राज्य में गुंडाराज कायम होने से पुलिसकर्मी शहीद हो रहे हैं। आखिर कब तक ऐसा चलता रहेगा ?
2-15 जून 2020 को मैनपुरी की घटना है जिसमें रात 12:30 बजे राम बहादुर प्रजापति पुत्र स्व बच्चन लाल प्रजापति निवासी ग्राम- माधौनगर ,थाना -खरपरी, कोतवाली एवं जिला मैनपुरी को परिवार सहित को घर में मिट्टी का तेल डालकर आग लगाकर पूरे परिवार को जलाकर जान से मार डालने की नियत से किए गए बीभत्स दर्दनाक घटना में 2 वर्ष के मासूम ऋषि की मौके पर राम बहादुर प्रजापति एवं सरला देवी की इलाज के दरम्यान पीजीआई में मौत हो गई ।
3-जून 2020 में प्रतापगढ़ जिले में फतनपुर थाना के अंतर्गत भुजैनी गांव में अंबिका पटेल को दबंगों द्वारा जिंदा जला दिया गया ।
4-संभल जिला में चंदौसी तहसील थाना बहजोई के फतेहपुर शमसोई गांव में रामेंद्र शर्मा, उपेंद्र शर्मा ,ज्ञानेंद्र शर्मा ब्राह्मणों के द्वारा धोबी समाज के दो लोगों की सामूहिक गोली मारकर हत्या कर दी गई।
5- 21 मार्च 2020 को प्रतापगढ़ जिले की घटना है। इसमें दोपहर 3:30 बजे पवन कुमार बौद्ध सुत रामदास, राजेंद्र प्रताप सुत पवन कुमार ,अभय प्रताप सुत पवन कुमार को (अनुसूचित जाति) निवासी ग्राम खूझीकला थाना कंधई जिला प्रतापगढ़ को घर में घुसकर गांव के ब्राह्मणों ने हृदय नारायण पांडे पुत्र रामनरेश पांडे, राजेश पांडे सुत हृदय नारायण पांडे, विजय शंकर पांडे ,आनंद पांडे सुत राजेश पांडे लाठी-डंडे रॉड से मारा पीटा जिसमें 3 महीने से अधिक हो गया है जिसमें अभी तक कोई भी पीड़ित की तरफ से एफ आई आर दर्ज नहीं हुआ है और ना ही दोषियों के विरुद्ध कोई भी कार्रवाई हुई है।
6- 5 जुलाई 2020 को प्रतापगढ़ जिले में थाना रानीगंज ग्राम कशेरूआ में कुम्हार (प्रजापति) समाज के रमेश प्रजापति, नरेश प्रजापति ,राम अवध प्रजापति, को ब्राह्मणों ने बेरहमी से मारा-पीटा जिसमें 6 जुलाई को रामअवध प्रजापति जी की प्रयागराज में इलाज के दौरान मौत हो गई।
7– प्रयागराज जिले के हंडिया गांव टेला में श्याम बाबू कनौजिया के पूरे परिवार पर टेला गांव के ही प्रधान ब्रह्मादीन मिश्रा व सैकड़ों ब्राह्मणो ने जानलेवा घातक हमला किया।
8-प्रतापगढ़ जिले में तहसील पट्टी के गोविंदपुर गांव में ब्राह्मणों द्वारा पटेल किसानों पर हमला किया गया जिसमें महिला और बच्चों को भी बुरी तरह मारा-पीटा गया इस घटना में अपराधियों की तरह से पैरवी मोती सिंह कर रहे हैं जो कि उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हैं और ठाकुर बिरादरी से तालुकात रखते हैं ।
9-कौशांबी में चायल विधानसभा के रसूलपुर गांव में देव शरण कुशवाहा की हत्या जमीनी विवाद के कारण कुछ ब्राह्मणों ने कर दिया
10– प्रयागराज जनपद के मेजा तहसील के आंधी गांव में यादव परिवार के 3 लोगों की हत्या कर दी गई ।
11– प्रयागराज जनपद के 22 मई 2020 को ग्राम पुरैनी थाना संग्रामगढ़ कुंडा प्रतापगढ़ में किसान परिवार राज बहादुर पटेल की ठाकुरों द्वारा मार पीट कर हत्या कर दी गई ।
12– 23 मई 2020 को ग्राम बहुदा थाना शिवगढ़ जनपद रायबरेली में अपना दल के क्षेत्रीय कुर्मी नेता वेद प्रकाश पटेल की गुंडो द्वारा हत्या कर दी गई ।
13-उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी कि सरकार के आने के बाद फर्जी एनकाउंटर में पिछड़े वर्ग एससी, एसटी, ओबीसी एवं माॅयनारिटी के लोगों की बड़े पैमाने पर हत्याएं हुई हैं। इसलिए भारत सरकार के द्वारा सभी एनकाउंटर की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ।

अतः उपरोक्त घटनाओं को हमारी पार्टी कड़े शब्दों में निंदा करती है साथ ही आग्रह करती है कि उत्तर प्रदेश में गुंडाराज को समाप्त करवाकर शांति और अमन का राज कायम करवाएं ।बहुजन मुक्ति पार्टी देश में कोरोना महामारी की वजह से अपने सब्र को रोककर सरकार की मदद कर रहे हैं । अथवा सब्र का बांध तोड़ने के लिए सरकार बाध्य न करे कि हम पूरे देश और प्रदेश में आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जायें।