Meerut News: The main hole built over the drain gives an invitation to the accident.
संवाददाता: मनीष गुप्ता
नाले नालियों में सड़ रहे हैं मरे हुए जानवर। बदबू ने निकलना किया मुश्किल। सास के साथ जा रहा है अंदर जहर। जिंदगी जीना हुआ मुश्किल। रात को यहां अंधेरा रहता है। कोई भी व्यक्ति इस नाले में गिर सकता है। और कोई भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। जान भी जा सकती है। कहा जाता है करोड़ों रुपया। किसी को नहीं पता। मर मर के जिंदगी जी रहे हैं लोग। कोन दूर करेगा इनकी समस्या। कोन दिलाएगा इन मुसीबतों से इनको निजात। सरकार की तरफ से हर साल शहर की साफ सफाई के लिए विभाग को फंड आता है। तो क्यों विभाग उस फंड का सही तरीके से इस्तेमाल क्यों नहीं करता है। कॉलोनियों, सड़को और बाजारों के बीच से होकर निकलते यह नाले खुद बया कर रहे हैं की लोग कैसे जीते हैं अपनी जिंदगी। घरों का पानी छोटी छोटी नालियों के द्वारा ही इन बड़े नालों में जाकर गिरता है। जब यह बड़े नाले ही चोक हो जायेगे। तो घरों का पानी कहा जाएगा। नगर निगम इस समस्या को गंभीरता से ले। तो जनता के लिए बहुत सुख दाई होगा। दूसरी और जगह जगह नाले नालियों के ऊपर पत्थर लगाए जाते है। ताकि इनमे कोई गिर ना सके। लेकिन जनता को यह नही पता है कि रास्ते में उनको परेशानी भी हो सकती है। जैसा की अभी आपको बताया कि साफ सफाई के लिए काफी फंड विभाग को दिया जाता है। उसी प्रकार नाले नालियों के ऊपर पत्थर लगाने के लिए विभाग को फंड उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन हम सब देख सकते है। की किस तरह से नाले खुले पड़े हैं। जो दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। लेकिन इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।