Lucknow News: यूपी की 1.25 करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से मिला संबल, हर दीदी को लखपति बनाने का लक्ष्य

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रिपोर्ट: विजय कुमार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि महिला स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र महिला को लखपति दीदी बनाया जाए, ताकि ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो और महिलाएं विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें। उन्होंने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार योजनाएं तैयार करने के निर्देश भी दिए।

जलभराव की समस्या दूर करने के लिए बनाएं प्रभावी कार्ययोजना
उप मुख्यमंत्री ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकसित भारत-जी राम जी के अंतर्गत विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करते समय जलभराव की समस्या के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र की भौगोलिक और प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुसार प्रभावी कार्ययोजनाएं बनाई जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से किसी क्षेत्र में जलभराव की समस्या चिह्नित होती है, तो वाटर सिक्योरिटी के अंतर्गत जैव-जल निकासी पौधरोपण (बायो-ड्रेनेज प्लांटेशन) जैसे कार्यों को योजना में शामिल किया जा सकता है। जलभराव वाले क्षेत्रों और अधिक भूजल स्तर वाले स्थानों पर अधिक पानी अवशोषित करने वाली उपयुक्त प्रजातियों के पेड़ लगाने से जल प्रबंधन में मदद मिल सकती है।

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केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि ऐसे पेड़ अपनी जड़ों के माध्यम से मिट्टी से पानी अवशोषित करते हैं और पत्तियों के जरिए वाष्पोत्सर्जन की प्रक्रिया से उसे वातावरण में छोड़ते हैं। इससे जलभराव कम करने, भूजल स्तर को संतुलित रखने और भूमि को अधिक उपयोगी बनाने में सहायता मिल सकती है। उन्होंने ग्राम पंचायतों की विकास योजनाओं में स्थानीय जरूरतों, प्राकृतिक परिस्थितियों और जल संरक्षण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

गांवों में विकास कार्यों की कहानियां पहुंचेंगी जन-जन तक
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को जनभागीदारी से जोड़ना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘गांव में बदलाव की तस्वीर, विकास की कहानी’ पहल शुरू की गई है। इसके तहत ग्रामीण नागरिकों से अपने गांव में हो रहे विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं से परिवारों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को दर्शाने वाली 60 सेकंड की रील बनाने की अपील की गई है।

उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने गांव के विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं से मिले लाभ और परिवारों के जीवन में आए बदलावों को वीडियो के माध्यम से साझा करें। रील में @UpRuralDev को टैग करने और विभाग के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज को फॉलो करने की अपील की गई है। चयनित रील को विभाग के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर स्थान दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण विकास की सकारात्मक कहानियां अधिक लोगों तक पहुंच सकें।

1.25 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं
महिला सशक्तीकरण पर जोर देते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की संख्या 1 करोड़ 25 लाख से अधिक हो चुकी है। ये महिलाएं 10.66 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से विभिन्न आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाएं अपने कौशल, मेहनत और उद्यमशीलता के बल पर परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दे रही हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर रही हैं। कई महिलाएं अपने उद्यम स्थापित कर दूसरी महिलाओं के लिए भी आजीविका के अवसर पैदा कर रही हैं।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति का नेतृत्व, कौशल और उद्यमशीलता विकसित भारत के संकल्प को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ सामाजिक और शैक्षणिक सशक्तीकरण की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं।

हर पात्र महिला को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि कोई भी बहन या दीदी गरीबी के कारण अवसरों से वंचित न रहे। इसके लिए प्रत्येक पात्र महिला को लखपति दीदी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि “कोई नहीं छूटेगा पीछे, सबको जोड़ेंगे, साथ लेकर चलेंगे” के संकल्प के साथ ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक अवसरों से जोड़ना और उनकी आय में वृद्धि करना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि लखपति दीदी अभियान का उद्देश्य महिलाओं को स्थायी आजीविका, उद्यमिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराना है। इससे महिलाएं अपने परिवार की खुशहाली में योगदान देने के साथ ग्रामीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी।

महिलाओं के सर्वांगीण विकास पर जोर
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण का वास्तविक अर्थ आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक सहित सभी क्षेत्रों में महिलाओं का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है। जब ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं, तो वे अपने परिवार के साथ समाज की अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

उन्होंने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों से स्वयं सहायता समूहों की क्षमताओं का विस्तार करने, महिलाओं को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने और ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए निरंतर प्रयास करने को कहा। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाना है।

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