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Sambhal News: मानसिक रूप से अस्वस्थ भी जी सकते हैं एक खुशहाल ज़िन्दगी – डॉ. मर्तोलिया

भूपेंद्र सिंह

मुरादाबाद मानसिक स्वास्थ्य दिवस प्रत्येक बर्ष 10 अक्टूबर को मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा हर बर्ष की भाँति इस बर्ष की थीम दयालुता रखी गई थी । मगर साल 2020 में कोविड-19 वैश्विक महामारी  होने के कारण जनपद में इस कार्यक्रम को नहीं किया जा सका था । इसका बड़ा कारण चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों,पुलिस और पत्रकारों का कोविड के दौरान सहयोगी बने रहना रहा। उपरोक्त व्यक्तियों के द्वारा जनसामान्य को कोरोना महामारी के संबंध में जागरूक करते हुऐ इसके रोकथाम हेतु सहयोग भी प्रदान किया गया। अपनी सेवाएं प्रदान करते हुऐ कई लोग कोरोना की चपेट में भी आये और उनक शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हुआ। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी  डॉ. जीएस मर्तोलिया ने बताया कार्यक्रम करने का उद्देश्य  इस दिन लोगों में मानसिक रोगों और उनके प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाना और सावधानी और वचाव के उपायों के बारे में जागरूकता बढ़ाना होता है। इसी उद्देश्य के साथ जिला स्तर पर एक बृहद कार्यक्रम का आयोजन 25 मार्च को जिला चिकित्सालय में आयोजित किया जायेगा जिसमे स्पष्ट रूप से सोचने और दैनिक कार्य करने में कठिनाई,बार बार गलत विचारों का आना,आत्म हत्या का विचार मन मे आना, क्रोध भय चिंता, अपराध बोध, उदासी या खुशी की अनुभूति, सामाजिक मेलजोल में कमी, नींद न आना, गुस्सा आदि के मरीजों की काउंसिलिंग और ईलाज किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मानसिक रोग के लक्षण, हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। यह इस बात पर निर्भर करता हैं कि उसे कौन-सी मानसिक बीमारी है। आजकल की तनाव भरी जिंदगी में मानसिक रोग किसी को भी हो सकता है, फिर चाहे वह किसी भी आय वर्ग का व्यक्ति हो। अगर मानसिक रोगी अच्छी तरह अपना इलाज करवाए, तो वह ठीक हो सकता है। वह एक अच्छी और खुशहाल ज़िंदगी जी सकता है।