प्रभावित गांवों के किसानों की बैठक, संघर्ष समिति गठित, जिला समाहर्ता कार्यालय पर प्रदर्शन की घोषणा

प्रभावित गांवों के किसानों की बैठक, संघर्ष समिति गठित, जिला समाहर्ता कार्यालय पर प्रदर्शन की घोषणा
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बेतिया/पश्चिमी चंपारण। प्रस्तावित गोरखपुर–सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट में बदलाव के विरोध में प्रभावित किसानों ने 28 फरवरी को जिला समाहर्ता कार्यालय के समक्ष विशाल धरना–प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इस संबंध में किसानों की एक बैठक नौतन स्थित श्रीराम खेल मैदान में आयोजित की गई।

प्रभावित गांवों के किसानों की बैठक, संघर्ष समिति गठित, जिला समाहर्ता कार्यालय पर प्रदर्शन की घोषणा

बैठक की अध्यक्षता Akhil Bharatiya Kisan Mahasabha के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार राव ने की। बैठक में नए एलाइनमेंट के खिलाफ व्यापक आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया।

बैठक के बाद सुनील कुमार राव ने कहा कि प्रस्तावित नए एलाइनमेंट के तहत तेल्लुआ, मडुवाहां, नौतन, खापटोला, लक्ष्मीपुर, बैरिया, लौकरिया, ताधवानंदपुर और बैजुआ सहित कई गांव प्रभावित होंगे। इससे भूमिहीन परिवारों समेत हजारों लोगों के मकान टूटने और सैकड़ों एकड़ दो व तीन फसली उपजाऊ भूमि नष्ट होने की आशंका है। उन्होंने पर्यावरणीय संकट और धार्मिक स्थलों पर भी खतरा बताया।

किसानों ने चेतावनी दी कि यदि एलाइनमेंट में बदलाव वापस नहीं लिया गया तो 28 फरवरी को बेतिया में जिला समाहर्ता के समक्ष बड़ा धरना–प्रदर्शन किया जाएगा।

बैठक में आंदोलन संचालन के लिए 21 सदस्यीय संघर्ष समिति का गठन किया गया, जिसका नाम “खेत-खेती-किसान बचाओ संघर्ष समिति” रखा गया। समिति के अध्यक्ष अभिषेक सिंह, उपाध्यक्ष धनी लाल ठाकुर, सचिव बिनोद सहनी, सह सचिव डॉ. अरमान और कोषाध्यक्ष लाल बाबू प्रसाद बनाए गए।

मौके पर किसान नेताओं ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आंदोलन को गांव-गांव तक ले जाने की बात कही। बैठक में कई किसान प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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