इटावा, जसवंतनगर | संवाददाता आशीष कुमार
जसवंतनगर क्षेत्र के ग्राम जैनपुर नागर में आयोजित “बौद्ध भीम गाथा” कार्यक्रम में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान कथा वाचिका प्रेमा अंबेडकर ने भगवान गौतम बुद्ध के जन्म की पावन एवं प्रेरणादायक कथा का भावपूर्ण वाचन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

कथा के दौरान उन्होंने बताया कि भगवान बुद्ध के जन्म से पूर्व उनकी माता महारानी माया देवी को एक दिव्य स्वप्न आया था, जिसमें एक श्वेत हाथी उनके गर्भ में प्रवेश करता है। विद्वानों ने इस स्वप्न को एक महान आत्मा के आगमन का संकेत माना। इसके बाद लुंबिनी के पावन उपवन में भगवान बुद्ध का जन्म हुआ, जिन्होंने आगे चलकर पूरे विश्व को सत्य, अहिंसा और करुणा का मार्ग दिखाया।
प्रेमा अंबेडकर ने बड़े ही मार्मिक ढंग से वर्णन किया कि जन्म लेते ही बालक बुद्ध ने सात कदम चलकर मानवता को शांति और सत्य का संदेश दिया। उनके प्रत्येक कदम के नीचे कमल का फूल प्रकट होने की कथा ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा के बीच-बीच में दिए गए प्रेरक संदेशों ने लोगों को सदाचार, करुणा और मानव सेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर अर्जुन सिंह, हुकुम सिंह, भीम प्रकाश, आनंदप्रिय गौतम, राजेंद्र सिंह, भारत सिंह, अकल सिंह, चन्द्र प्रकाश, रमाकांत, सुशील कान्त (पत्रकार), सत्येंद्र सिंह (मास्टर), सतीश बाबू, सचिन, मातादीन, महेश, मायाराम, गंगादीन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और बहू-बेटियां उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे मनोयोग से कथा का श्रवण किया और भगवान बुद्ध के बताए मार्ग को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। आयोजन स्थल पर देर तक भक्ति, शांति और सामाजिक समरसता का वातावरण बना रहा। आयोजकों ने आगामी दिनों में भी अधिक से अधिक लोगों से कार्यक्रम में पहुंचकर पुण्य लाभ लेने की अपील की।