मनोज कुमार राजौरिया इटावा: सैफई उ0प्र0 आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के प्रशासकीय भवन में राष्ट्रपिता महात्मा गाॅधी तथा भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती हर्षोल्लास के साथ धूमधाम से मनायी गयी। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 (डा0) राजकुमार ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर तथा महात्मा गाॅधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के फ़ोटो पर माल्यार्णपण कर उन्हें नमन तथा याद किया।

इस अवसर पर कुलपति प्रो0 (डा0) राजकुमार ने कहा कि गाॅधी जी आजीवन सत्य तथा अहिंसा के सच्चे प्रेरक तथा अनुयायी रहे। देश की आजादी का जिक्र बिना गाॅधी जी के अधूरा है। गाॅधी जी अपने पूरे जीवनकाल में सत्य, अहिंसा तथा सादगी भरे जीवन के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने सत्य तथा अहिंसा को हथियार बनाकर देश की आजादी के लिए अग्रेजों से डटकर मुकाबला किया। प्रो0 राजकुमार ने कहा कि गाॅधी जी का योगदान अस्पृश्यता तथा छूआछूत को मिटाने में भी अहम् रहा। गाॅधी जी का मानना था कि देश को जाति धर्म तथा समुदाय में नहीं विभाजित किया जाना चाहिए।
लाल बहादुर शास्त्री जी के बारे में बोलते हुए प्रो0 राजकुमार ने कहा कि उनका जीवन पूरी तरह सादगी से भरा रहा तथा देश के किसानों के वह सच्चे नेता थे। उनके द्वारा किसानों तथा सेना के प्रहरी को हमेशा बराबर का महत्व दिया जाता था। उन्होंने जय जवान जय किसान का नारा दिया जिससे आज भी प्रेरणा मिलती है।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुरेश चन्द्र शर्मा ने गाॅधी जी द्वारा देश के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान किये गये सकारात्मक प्रयासों तथा असहयोग आन्दोलन के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि गाॅधी जी सभी धर्मों को समान आदर देते थे तथा सभी धर्मों को पूरा सम्मान देते थे। उनका जीवन पूरी तरह सादगी भरा रहा।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डा0 रमाकान्त यादव, संकायाध्यक्ष डा0 आलोक कुमार, कुलसचिव सुरेश चन्द्र शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डा0 आदेश कुमार, विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, नर्सिंग स्टाफ, फैकेल्टी मेम्बर, संस्थानकर्मियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गाॅधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धा सुमन अर्पित कर याद किया।