मनोज कुमार राजौरिया । यूपी के बेसिक शिक्षा विभाग में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आप इसे टीचरों की बंटी बबली का कारनामा ही कहेंगे। एक टीचर पर आरोप है कि वह एक दो नहीं बल्कि 25 जगहों पर एक साथ जॉब करती रही और सेलरी भी लेती रही। मामले के खुलासे के बाद जिले से भी उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

◆ अमेठी के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में तैनात यह शिक्षिका इस समय बेसिक शिक्षा विभाग में काफी चर्चित हो चुकी हैं। विज्ञान विषय की शिक्षिका पर आरोप है कि वह एक दो नहीं बल्कि 25 जनपदों में एक साथ काम कर रही हैं।

◆ जहां तक अमेठी जनपद का सवाल है तो जिम्मेदारों की माने तो पिछले वर्ष नवंबर में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय अमेठी में पूर्ण कालिक विज्ञान शिक्षिका के पद पर ज्वाइनिंग की थी। जिम्मेदार बताते हैं कि उक्त अवधि में शिक्षिका विद्यालय आती थीं और उन्हें छह माह का वेतन निर्गत किया गया है।
◆ उधर फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद बीएसए ने पत्र जारी कर पत्र मिलने की एक सप्ताह के भीतर शिक्षिका से उनके वास्तविक दस्तावेज तलब किया है। ऐसा ना होने की स्थिति में एफआईआर की भी चेतावनी दी है।
◆ बीएसए विनोद कुमार मिश्र ने कहा कि मैनपुरी जिले के हसनपुर निवासी शिक्षिका अनामिका शुक्ला पर कई जनपदों में कूटनीतिक दस्तावेज लगाकर कार्य करने का आरोप है। संतोषजनक स्पष्टीकरण ना मिलने पर मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।
अंत करने से पहले क्या सिर्फ शिक्षिका ही इस झोलमोल मे शामिल है या उन संबंधित स्कूल के प्राचार्य जो पिछले समय से बिना शिक्षिका के उपस्थित हुए उसकी उपस्थिति दर्ज कर के वेतन जारी करवाते रहें,
क्या उन ज़िलों के बीएसए जिम्मेदार नही है जिन्होंने उस शिक्षिका का नियुक्ति पत्र बनाया।