Bihar News: सिसौनी प्रबोधी में किसान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, प्राकृतिक एवं जैविक खेती पर दिया गया जोर

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संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
हाजीपुर, वैशाली।

कृषि विज्ञान केंद्र, वैशाली एवं आत्मा, वैशाली के संयुक्त तत्वावधान में “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भगवानपुर प्रखंड के ग्राम सिसौनी प्रबोधी में किसान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय उर्वरकों का संतुलित उपयोग, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती तथा धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) तकनीक रहा।

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कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अनिल कुमार सिंह, वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान, कृषि विज्ञान केंद्र, वैशाली के मार्गदर्शन तथा कुमारी नम्रता, वैज्ञानिक (कृषि अभियंत्रण) के नेतृत्व में किया गया।

विशेषज्ञों ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए उर्वरकों का संतुलित उपयोग अत्यंत आवश्यक है। साथ ही जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाकर खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सकता है। किसानों को जैविक खाद निर्माण की विधियों की जानकारी दी गई तथा सब्जी फसलों में कीटनाशकों के कम उपयोग के लिए येलो स्टिकी ट्रैप और ब्लू स्टिकी ट्रैप के प्रयोग पर विशेष बल दिया गया।

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कार्यक्रम के दौरान किसानों की विभिन्न समस्याओं पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने आम के पौधों में गमोसिस रोग, मिर्च में लीफ माइनर तथा मूली में कीट प्रकोप से बचाव के वैज्ञानिक उपायों की जानकारी दी।

वैज्ञानिकों ने बताया कि अल-नीनो के प्रभाव से उत्पन्न सूखे और कम वर्षा की परिस्थितियों में धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) तकनीक किसानों के लिए एक प्रभावी विकल्प है। इस तकनीक में खेत को लगातार पानी से भरे रखने की आवश्यकता नहीं होती, जिससे 30 से 40 प्रतिशत तक पानी की बचत संभव है। मानसून में देरी या कम वर्षा की स्थिति में भी मिट्टी की नमी के आधार पर बुवाई की जा सकती है।

उन्होंने बताया कि पारंपरिक नर्सरी एवं रोपाई पद्धति की तुलना में डीएसआर तकनीक में कम श्रम और कम पानी की आवश्यकता होती है, जिससे मौसम की अनिश्चितता का जोखिम भी कम हो जाता है। इसके अलावा फसल लगभग 7 से 10 दिन पहले तैयार हो जाती है।

इस अवसर पर सुधा कुमारी (सहायक तकनीकी प्रबंधक), पलक प्रियांशु (सहायक तकनीकी प्रबंधक), सुरेश कुमार, आशा देवी, चंदेश्वर प्रसाद राय (वार्ड सदस्य), राजदेव राय (अनुमंडल कृषि पदाधिकारी), अजय कुमार (प्रखंड कृषि पदाधिकारी) सहित बड़ी संख्या में किसान एवं कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने किसानों के खेतों का भ्रमण भी किया। निरीक्षण के दौरान प्रगतिशील किसान मुकेश कुमार द्वारा एक एकड़ भूमि में विकसित बहुफसली जैविक खेती प्रणाली का अवलोकन किया गया। इस मॉडल में अमरूद, अंजीर, कटहल, पपीता, अनार, सेब तथा विभिन्न सब्जियों की खेती की जा रही है।

किसान मुकेश कुमार ने बताया कि इस बहुफसली जैविक खेती प्रणाली से उन्हें प्रति वर्ष लगभग 10 लाख रुपये प्रति एकड़ की आय प्राप्त हो रही है।

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