ब्यूरो संवाददाता
इटावा : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर सकारात्मक सहमति बनी है। बैठक जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें प्रांतीय संयोजक संरक्षण समिति के नेतृत्व में शिक्षक प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में वार्ता हुई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि कार्यालय में शीघ्र ही चार्टर व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे यह स्पष्ट होगा कि शिक्षकों और कर्मचारियों के कार्य निर्धारित समय सीमा में कैसे निस्तारित होंगे। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लंबित मामलों के समाधान में तेजी आएगी।
प्रांतीय संयोजक श्रीनारायण द्विवेदी ने सर्वोदय इंटर कॉलेज लौंगपुर के शिक्षकों के वेतन संबंधी ऑडिट आपत्ति के मुद्दे को उठाया, जिस पर शासनादेशों के आधार पर शीघ्र समाधान का आश्वासन मिला। वहीं, सहायक अध्यापिका श्रीमती नूपुर की पिछले 10 वर्षों से लंबित वेतनवृद्धि को भी जल्द दिलाने पर सहमति बनी।

ज्ञान चन्द्र जैन वैद्य इंटर कॉलेज इकदिल से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई, जिसमें दो प्रधानाचार्यों की तैनाती की व्यवस्था को समाप्त करने और अन्य मुद्दों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
जिलामंत्री मनोज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि हर माह वेतन बिलों की जेनरेट कॉपी और आयकर से संबंधित फॉर्म-16 अब निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही निजी अनुबंधों में भी आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
एनपीएस (राष्ट्रीय पेंशन योजना) से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। 482 शिक्षकों के फंड मैनेजर बदलने की जांच जारी है, जबकि कुछ शिक्षकों की कटौती राशि जमा नहीं होने की समस्या पर भी विभाग अंतिम निर्णय लेगा। साथ ही एनपीएस से जीपीएफ में आए शिक्षकों की धनराशि का समायोजन शीघ्र करने का आश्वासन दिया गया।
प्रांतीय मंत्री अरुण कुमार दुबे ने शिक्षकों को मोबाइल के माध्यम से कराए जा रहे अनावश्यक ऑनलाइन कोर्स का मुद्दा उठाया और इसके दुष्प्रभावों पर चिंता जताई। इस पर अधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इसके अतिरिक्त एसीपी, पदोन्नति, चयन वेतनमान, वरिष्ठता सूची और कार्यवाहक प्रधानाचार्य के वेतन जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिनके जल्द समाधान का भरोसा दिया गया।
जिलाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह चौहान ने बताया कि प्रदेशीय मांग पत्र भी सौंपा गया है, जिसमें पुरानी पेंशन योजना (OPS), पारिश्रमिक भुगतान और अन्य महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक, लेखाधिकारी, विभिन्न पदाधिकारी और शिक्षक संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।